सीकर से बड़ी खबर: दुर्लभ ऑपरेशन से महिला की जान बची, मेडिकल जगत में चर्चा
सीकर।
चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है, जहां शहर के एप्पल हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने एक अत्यंत दुर्लभ और जटिल केस का सफल ऑपरेशन कर महिला की जान बचा ली। इस मामले को विशेषज्ञ राजस्थान के संभवतः पहले मामलों में से एक मान रहे हैं। वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. किशोर जांगिड़ के अनुसार, एक महिला पिछले 6 वर्षों से संतान सुख से वंचित थी और उसका इलाज चल रहा था। फरवरी माह में महिला का प्रेग्नेंसी टेस्ट पॉजिटिव आया, जिससे परिवार में खुशी का माहौल था। लेकिन रूटीन जांच के दौरान जब रंगीन सोनोग्राफी की गई, तो डॉक्टर भी हैरान रह गए। करीब ढाई महीने का भ्रूण गर्भाशय के अंदर सामान्य स्थान पर न होकर उसकी मांसपेशियों की परत में चिपका हुआ मिला। साथ ही महिला की बच्चेदानी नीचे से फटी हुई पाई गई, जिससे उसकी जान को गंभीर खतरा था। डॉक्टरों ने तुरंत निर्णय लेते हुए जटिल ऑपरेशन किया और न केवल महिला की जान बचाई, बल्कि उसकी बच्चेदानी को भी सुरक्षित रखने में सफलता हासिल की। चिकित्सा विज्ञान में इस स्थिति को इंट्रामायोमेट्रियल गर्भावस्था कहा जाता है। यह गर्भावस्था का एक अत्यंत दुर्लभ रूप है, जिसमें भ्रूण गर्भाशय की मांसपेशियों की दीवार में विकसित होता है। इस स्थिति में गर्भाशय के फटने का खतरा बहुत अधिक होता है, जिससे मरीज की जान भी जा सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों का समय पर पता लगना और तुरंत उपचार बेहद जरूरी होता है। सही समय पर किए गए इस ऑपरेशन ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया। डॉ. जांगिड़ ने बताया कि चूंकि महिला की बच्चेदानी सुरक्षित है, इसलिए वह पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद लगभग 6 महीने में दोबारा गर्भधारण के लिए उपचार ले सकती है। भविष्य में उसके मां बनने की संभावना भी अच्छी है। यह सफल ऑपरेशन न केवल सीकर बल्कि पूरे राजस्थान के चिकित्सा जगत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। डॉ. किशोर जांगिड़ ने बताया कि अभी तक पूरी दुनिया में इस तरह के केवल 50 केस ही रजिस्टर्ड है। यह दुर्लभ केस था, जिसे उन्होने अपने मेडिकल कॅरिअर में पहली बार देखा है।