10 अप्रेल 2004 को लोकसभा चुनाव में धर्मेंद्र जी पूर्व केंदीय मंत्री सुभाष महरिया की नामांकन सभा में आए थे, वे स्वयं बीकानेर लोकसभा से भाजपा प्रत्याशी थे, तब से लेकर वर्तमान समय तक उनका स्नेह और सम्पर्क मुझसे अनवरत एवं निरंतर रहा । जब भी उनका लोकसभा में आना होता था तो हमेशा मुझसे जरूर मिलते थे । इसके बाद भी राजस्थान से संबंधित कोई भी बात होती थी तो मुझे बताते थे और मुंबई में राजस्थान से जाकर मिलने वाले लगभग सभी लोगों से मेरा जिक्र करना इस बात का प्रतीक था कि वो मुझे अपने छोटे भाई की तरह प्यार करते थे । राजस्थान से उनका जुड़ाव राजनीति में आने से पहले से ही रहा है, कई फ़िल्मों की शूटिंग उन्होंने यहाँ की थी। किसानों के लिए उनके दिल में विशेष स्थान था, गांव और खेती की बात को हमेशा धर्मेंद्र जी तवज्जो देते थे । धर्मेंद्र जी बहुत ही भावुक और विनम्र स्वभाव के महान व्यक्ति थे । उनका संघर्ष और जज्बा हमेशा एक मिशाल रहेगा । उनका जाना एक युग का अंत होने जैसा है ।