95 वर्षीय समद कंवर की पेंशन बंद, शेरगढ़ विधायक ने की कार्रवाई का वादा…

द्वितीय विश्व युद्ध के भारतीय सैनिक की विधवा के जीवन की कठिनाईयों ने उठाई सवाल, जल्द पेंशन शुरू करने की उम्मीद

फलौदी के टेकरा गांव में रहने वाली 95 वर्षीय समद कंवर, जो द्वितीय विश्व युद्ध में भाग लेने वाले भारतीय सैनिक मूल सिंह की विधवा हैं, हाल ही में एक वीडियो के जरिए अपनी तकलीफों का खुलासा किया है। समद कंवर का कहना है, “गुजारा तो मुश्किल से ही चलता है, एक ही दिन भोजन कर पाते हैं। कभी पड़ोसियों से मदद मिल जाती है तो खाना खा लेते हैं।”

वीडियो में समद कंवर अपने पुराने, टूटे-फूटे घर के बाहर खड़ी दिखाई देती हैं, जहां बैकग्राउंड में एक व्यक्ति बताता है कि समद कंवर के पति मूल सिंह द्वितीय विश्व युद्ध में शामिल हुए थे और उनकी मृत्यु के बाद समद कंवर और उनकी दोहितियां इस घर में रहते हैं। उनका कहना है कि समद कंवर को सरकार की ओर से मिलने वाली 10 हजार रुपए की पेंशन, जो सैनिक कल्याण बोर्ड से मिलती थी, अब बंद हो गई है।

पेंशन की समस्या और विधायक का संज्ञान
वीडियो में समद कंवर यह भी कहती हैं, “6-7 महीने से पेंशन नहीं आई। 1 दिन का खाना खा कर काम चल रहे हैं।” इसके बाद शेरगढ़ विधायक बाबुसिंह राठौड़ ने मामले का संज्ञान लिया और शीघ्र ही उनकी पेंशन को फिर से चालू कराने का वादा किया। विधायक ने बताया कि महिला की पेंशन का मामला सैनिक कल्याण बोर्ड के शेरगढ़ कार्यालय में लापरवाही की वजह से रुका हुआ था। उन्होंने कहा कि जल्द ही पेंशन फिर से चालू कर दी जाएगी और सैन्य परिवार की सभी आवश्यक मदद की जाएगी।

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