JEE Mains 2025: मैट्रिक्स ने फिर रचा इतिहास, 275+ छात्रों ने पाए 99+ परसेंटाइल…

गौरव पारीक ने 99.9888 परसेंटाइल के साथ हासिल किया शेखावाटी में शीर्ष स्थान

NTA ने आज JEE-Main का परीक्षा परिणाम घोषित किया। मैट्रिक्स ने हर बार की तरह अपना ही रिकॉर्ड तोड़ते हुए फिर से शेखावाटी के इतिहास में एक नवीन कीर्तिमान स्थापित कर दिया है और संख्यात्मक व गुणात्मक रूप से शेखावाटी के इतिहास का सर्वश्रेष्ठ परिणाम दिया है। अभी तक प्राप्त परिणामों के अनुसार मैट्रिक्स के 275 से अधिक विध्यार्थियों ने 99 परसेंटाइल से ऊपर प्राप्त कर गौरवशाली परिणाम दिया है।

छात्र गौरव पारीक ने 99.9888 परसेंटाइल पाकर सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया वहीं भव्य मोदी ने 99.97, ऋषभ मिल ने 99.97, सौरभ कुमार सोनी ने 99.97, निशांत ने 99.96, प्रांशु भरिया ने 99.96, सुमित कुमार ने 99.95, भवानी स्वामी ने 99.95, गर्व ने 99.94, नरेंद्र काला ने 99.94, पौरुष जालान ने 99.94, निखिल सोनी ने 99.93, कनक ने 99.92, प्रिंस हैरी ने 99.92, योगेश सारस्वत ने 99.92, व संदीप खोखर ने 99.91 परसेंटाइल प्राप्त कर शानदार सफलता पायी है। गौरतलब है की इनमें से अधिकांश छात्रों ने ये सफलता 12th के साथ प्राप्त की है।

 

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मैट्रिक्स के निदेशक श्री अनिल गोरा ने बताया कि 8 छात्रों ने 99.95, 16 छात्रों ने 99.90 और 275 से अधिक छात्रों ने 99.00 परसेंटाइल से ऊपर प्राप्त किए हैं जो स्वयं में एक जबरदस्त परिणाम है।

इस शानदार परीक्षा परिणाम के लिए मैट्रिक्स के निदेशक श्री नरेंद्र कोक ने सम्पूर्ण टीम को बधाई दी और इसी भांति श्रेष्ठ परिणाम देने का संकल्प व्यक्त किया।

इस अवसर पर संस्थान में उत्साह का माहौल रहा तथा विद्यार्थियों व शिक्षकों ने एक दूसरे का मुंह मीठा करवाकर खुशियां मनाई।
मैट्रिक्स के छात्र गौरव पारीक ने पाई शानदार सफलता

सीकर के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान मैट्रिक्स के छात्र गौरव पारीक ने NTA द्वारा आज घोषित JEE Mains परीक्षा में 99.988 पर्सेंटाइल प्राप्त कर संस्थान के साथ-साथ अपने जिले और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। गौरतलब है कि गौरव मैट्रिक्स हाई स्कूल का नियमित छात्र है और 12th के साथ उसने ये सफलता पाई है।

गौरव के पिताजी श्री अभिषेक पारीक व माताजी श्रीमती ममता पारीक (व्यवसायी) हैं और मूलतः सीकर के रहने वाले हैं।

गौरव के माता पिता ने बताया कि अपनी तैयारी के दौरान गौरव के चिकन पॉक्स हो गए पर उसने अपने अध्ययन को नहीं रोका। 2 वर्षों की तैयारी के दौरान गौरव ने किसी भी पारिवारिक या सामाजिक कार्यक्रम में भाग नहीं लिया और कभी भी अपनी क्लासेज को नहीं छोड़ा।

गौरव ने बताया कि उसने नियमित रूप से मैट्रिक्स द्वारा प्रदान की जा रही क्लासेस और मार्गदर्शन को फॉलो किया और इस सफलता को प्राप्त किया। गौरव इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के साथ-साथ मैट्रिक्स की फैकल्टी टीम को देते हुए बताता है कि उसका सपना देश की टॉप आईआईटी से इंजीनियरिंग करना है।

संस्थान ने इस अवसर पर गौरव व उसके माता पिता का सम्मान किया व उसके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ प्रदान की।