सोभासरिया लॉ के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया संस्थान का गौरव
सोभासरिया लॉ के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया संस्थान का गौरव
सोभासरिया लॉ के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया संस्थान का गौरव
सोभासरिया स्कूल ऑफ लॉ, सीकर के विद्यार्थियों ने जयपुर में आयोजित “क्रिमिनल लॉज़ पर राष्ट्रीय सेमिनार” में सक्रिय भागीदारी कर संस्थान का नाम पूरे प्रदेश में गौरवान्वित किया। यह सेमिनार लीगल एजुकेशन एंड रिसर्च विभाग एवं विधि विभाग, जयपुर विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था।
देशभर के प्रतिष्ठित विधि महाविद्यालयों से आए विद्यार्थियों और विधि विशेषज्ञों की उपस्थिति में आयोजित इस सेमिनार में अपराध न्याय प्रणाली, भारतीय दंड संहिता, साक्ष्य अधिनियम, आपराधिक प्रक्रिया संहिता तथा नवीन विधिक सुधारों पर विस्तृत चर्चा हुई।
सेमिनार के दौरान सोभासरिया स्कूल ऑफ लॉ के विद्यार्थियों ने न केवल अपने कानूनी दृष्टिकोण प्रस्तुत किए, बल्कि विभिन्न विधिक प्रक्रियाओं और न्यायिक पहलुओं की गहराई से समझ भी विकसित की। विद्यार्थियों ने अपने प्रभावशाली विचारों और तार्किक विश्लेषण से उपस्थित विद्वानों की सराहना प्राप्त की।
इस अवसर पर न्यायपालिका, विधि शिक्षा एवं अधिवक्ता परिषद से जुड़े प्रतिष्ठित वक्ताओं ने विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान किया तथा उन्हें विधिक पेशे की चुनौतियों और अवसरों से अवगत कराया।
संस्थान की ओर से फैकल्टी मेंबर डॉ. रुचि शर्मा, वाइस प्रिंसिपल डॉ. सुमन बुगालिया, शिवलाल चौधरी, रोहित सैनी, विशाल वर्मा और ऋषि माथुर भी उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को ऐसे सेमिनारों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
ग्रुप प्राचार्य डॉ. एल. सोलंकी ने कहा कि “सोभासरिया समूह सदैव विद्यार्थियों को अकादमिक उत्कृष्टता के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के लिए तत्पर रहता है। ऐसे राष्ट्रीय आयोजन विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाते हैं।”
ग्रुप रजिस्ट्रार प्रदीप शर्मा ने कहा कि “सोभासरिया स्कूल ऑफ लॉ के विद्यार्थी निरंतर सीखने और नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इस प्रकार के राष्ट्रीय सेमिनार न केवल उनकी शैक्षणिक समझ को गहरा करते हैं, बल्कि उन्हें विधिक जगत की वास्तविकताओं और सामाजिक उत्तरदायित्वों से भी जोड़ते हैं।”
ग्रुप प्रबंधन ने कहा कि “इस प्रकार के शैक्षणिक आयोजन विद्यार्थियों में कानूनी चेतना, विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण और व्यावहारिक ज्ञान को सशक्त बनाते हैं, जिससे वे भविष्य में एक सक्षम और संवेदनशील विधि व्यवसायी के रूप में समाज में अपनी भूमिका निभा सकें।”
कार्यक्रम में सम्मिलित विद्यार्थियों ने इस अनुभव को अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और व्यावहारिक दृष्टि से उपयोगी बताया।
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