सीकर में 14 लाख पौधे लगाने पर खर्च हुए 52 लाख, लेकिन 70% सूख गए…

खाद-पानी की कमी, गलत जगह पौधारोपण और रखरखाव के अभाव में दम तोड़े पौधे; अब बरसात में दोबारा लगाने की तैयारी

सीकर जिले में करीब 9 महीने पहले मुख्यमंत्री पौधारोपण अभियान के तहत 14 लाख से ज्यादा पौधे लगाए गए थे, जिन पर करीब 52.74 लाख रुपए खर्च हुए। इन पौधों को शिक्षा विभाग, वन विभाग और नगर परिषद की ओर से विभिन्न स्थानों पर लगाया गया था। लेकिन रखरखाव की कमी, समय पर खाद-पानी न मिलने और गलत स्थानों के चयन के कारण लगभग 70% पौधे सूख चुके हैं। नगर परिषद ने शहर के डिवाइडर, स्टेडियम और डंपिंग यार्ड में विदेशी किस्म के पौधे जैसे वॉशिंगटनिया और कनेर लगाए थे, लेकिन पथरीली जमीन और देखरेख के अभाव में वे पौधे नष्ट हो गए। स्कूलों में भी पौधे लगाए गए, लेकिन पानी की कमी और आवारा जानवरों के कारण वहां भी स्थिति खराब रही।

शिक्षा विभाग ने स्कूलों की खाली जमीन पर, और वन विभाग ने अपने फॉरेस्ट एरिया में पौधे लगाए थे। नगर परिषद ने सड़कों के किनारे और सार्वजनिक स्थानों पर पौधारोपण किया था। अभियान का उद्देश्य 15 किलोमीटर ग्रीन बेल्ट तैयार करना था, लेकिन उम्मीद के अनुरूप परिणाम नहीं मिले। अधिकारियों का कहना है कि इस बार बरसात के मौसम में फिर से पौधारोपण किया जाएगा और सूखे पौधों की जगह नए लगाए जाएंगे। साथ ही इस बार रखरखाव और सही स्थान चयन पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई है।

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