दिवंगत परिजनों की स्मृति में हरियाली का उपहार दे रहे समाजसेवी भंवरलाल जांगिड़, अब तक लगाए 8,275 पौधे
एक वर्ष से अधिक समय से चला रहे अनूठी मुहिम, परिजनों के साथ पौधारोपण कर सौंपते हैं देखभाल की जिम्मेदारी
सीकर।
पर्यावरण संरक्षण के साथ भावनात्मक जुड़ाव और सामाजिक सरोकारों की अनूठी मिसाल पेश करते हुए समाजसेवी भंवरलाल जांगिड़ लगातार पौधारोपण अभियान चला रहे हैं। पिछले एक वर्ष से अधिक समय से जारी इस मुहिम के तहत वे अब तक 8,275 पौधे लगा चुके हैं। उनकी इस पहल की खास बात यह है कि वे दिवंगत व्यक्तियों की स्मृति में उनके परिजनों को पौधा भेंट करते हैं और परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर उसका पौधारोपण करते हैं। इसके बाद पौधे की देखभाल और सुरक्षा की जिम्मेदारी भी परिवार को सौंपते हैं, ताकि पौधा बड़ा होकर वृक्ष बने और दिवंगत परिजन की यादों को हमेशा जीवंत रखे।
भंवरलाल जांगिड़ की यह पहल पौधारोपण को केवल एक औपचारिक गतिविधि तक सीमित नहीं रखती, बल्कि इसे भावनाओं, स्मृतियों और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ती है। किसी प्रियजन के दुनिया से चले जाने के बाद उनकी याद में लगाया गया पौधा परिवार के लिए भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक बन जाता है। परिवार के सदस्य जब उस पौधे की देखभाल करते हैं, तो उसके साथ उनकी यादें भी जुड़ी रहती हैं। समय के साथ यही पौधा विशाल वृक्ष का रूप लेकर लोगों को छाया, स्वच्छ वातावरण और प्रकृति का उपहार देता है।
समाजसेवी भंवरलाल जांगिड़ का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और पौधों की नियमित देखभाल के लिए प्रेरित करना है। उनका मानना है कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें सुरक्षित रखना और बड़ा करना भी उतना ही जरूरी है। इसी सोच के साथ वे पौधारोपण के दौरान परिवार के सदस्यों को पौधे की जिम्मेदारी सौंपते हैं, ताकि पौधा लगाने के बाद उसकी अनदेखी न हो और वह सुरक्षित रूप से विकसित हो सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़े पर्यावरण संरक्षण के संदेश को आगे बढ़ाते हुए भंवरलाल जांगिड़ आमजन को भी इस मुहिम में भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। वे लोगों से अपील करते हैं कि अपने दिवंगत माता-पिता, परिजनों और प्रियजनों की स्मृति में पौधे लगाएं तथा परिवार के सभी सदस्य मिलकर उनकी देखभाल करें। इससे एक ओर दिवंगत व्यक्तियों की यादें प्रकृति के माध्यम से जीवित रहेंगी, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण को हरा-भरा बनाने में भी योगदान मिलेगा।
भंवरलाल जांगिड़ का मानना है कि यदि प्रत्येक परिवार अपने किसी प्रियजन की स्मृति में एक पौधा लगाए और उसकी सुरक्षा का संकल्प ले, तो आने वाले समय में हरियाली बढ़ाने की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। उनकी यह पहल समाज को संदेश देती है कि अपनों की यादों को संजोने का एक सुंदर तरीका प्रकृति की सेवा भी है।
समाजसेवी भंवरलाल जांगिड़ ने आमजन से अपील करते हुए कहा, “अपने प्रियजन की याद में एक पौधा लगाएं। परिवार के सभी सदस्य मिलकर उसकी देखभाल करें और उसे बड़ा करने की जिम्मेदारी निभाएं। पौधा बड़ा होगा, तो उसकी छांव में अपनों की यादें भी हमेशा जीवित रहेंगी।”
भंवरलाल जांगिड़ की ओर से अब तक लगाए गए 8,275 पौधे उनकी पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता और समाजसेवा के संकल्प को दर्शाते हैं। उनकी यह अनूठी पहल लोगों को प्रेरित करती है कि वे स्मृतियों को केवल तस्वीरों तक सीमित न रखें, बल्कि पौधारोपण के माध्यम से उन्हें हरियाली और जीवन का रूप दें।