प्रदेश सरकार कामकाजी महिलाओं के लिए वर्किंग वुमेन हॉस्टल बनाने की तैयारी में है। हर जिला मुख्यालय पर 50 और संभाग स्तर पर 100 हॉस्टल खुलेंगे, जहां सुरक्षा, भोजन और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
50 हजार रुपये से कम वेतन पाने वाली महिलाएं पात्र होंगी, साथ ही वे अपनी 18 साल से छोटी बेटी व 12 साल से छोटे बेटे को भी साथ रख सकेंगी। हॉस्टल पीपीपी मोड पर संचालित होंगे और प्राथमिकता एकल, विधवा, दिव्यांग व तलाकशुदा महिलाओं को दी जाएगी। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग इस योजना का संचालन करेगा।
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