महरोली में खेतों में छोड़ रहे गंदा पानी, 5 बीघा खेत में बाजरे की फसल हुई चोपट….
ग्रामीणों ने जताया आक्रोश, यूडीएच मंत्री के विधानसभा क्षेत्र का मामला
महरोली ग्राम पंचायत की स्वच्छता के प्रति बड़ी लापरवाही सामने आई एक तरफ जहां केन्द्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के 10 वर्ष पूरे होने पर सरकार स्वच्छता ही सेवा अभियान चला रही है वहीं महरोली ग्राम पंचायत के वासियों को पिछले तीन महिनों से गन्दगी का दंश झेलना पड़ रहा है। महरोली गांव में जलालपुर मार्ग पर पूरे गांव का गंदा पानी खेतों में छोड़ा जा रहा है जिससे 5 बीघा खेत में बोई गई बाजरे की फसल चोपट हो गई वहीं मक्खी-मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया जिससे हर घर में मौसमी बिमारियों के मरीज हो गये। ग्रामीण महिला-पुरुषों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया कि अनेक बार जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन दे चुके लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीण अजय कुमावत ने बताया कि हमारे खेतों में पूरे गांव का गंदा पानी छोड़ा जा रहा है जिसको लेकर सरपंच और स्थानीय विधायक को अवगत करवाया गया इसी के साथ मुख्यमंत्री संपर्क पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करवाई गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

गंदे पानी के भराव से डेंगू, मलेरिया जैसी खतरनाक बिमारियां फैल रही है। ग्रामीण राकेश कुमार ने आरोप लगाया कि गंदे पानी के निकास की नाली बनी होने के बावजूद भी पंचायत प्रशासन द्वारा नाली को तोड़ कर हमारे खेतों में गंदा पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं मुकेश कुमार ने बताया कि गंदे पानी की समस्या को लेकर करीब 20 बार यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा के आवास पर शिकायत लेकर गए लेकिन थोथे आश्वासन के अलावा कुछ भी नहीं मिला। विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों में पंचायत प्रशासन के खिलाफ आक्रोश देखने को मिला। इस दौरान लक्ष्मण, रामलाल, अजय, सुभाष, राकेश, मुकेश, राजकुमार, ग्यारसी लाल, अविनाश, सुमित, सुशीला, कंचन, सुमित्रा, ग्यारसी देवी आदि मौजूद रहीं।
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