राजस्थान हाईकोर्ट सिविल जज भर्ती परीक्षा 2024 में गुहाला के अभिषेक शर्मा को मिली 50वीं रैंक…
अभिषेक शर्मा ने राजस्थान ज्यूडिशियल सर्विस परीक्षा में पाई सफलता, बने अपने गाँव के पहले जज
राजस्थान ज्यूडिशियल सर्विस भर्ती परीक्षा-2024 में सफलता पाने वालों की राहें आसान नहीं थीं। अभ्यर्थियों की कड़ी मेहनत और परिवार वालों के सहयोग ने इनका जज बनने का सपना पूरा किया है। हम परों से नहीं हौसलों से उड़ान भरते है, इसी कहावत को चरितार्थ किया है नीमकाथाना के एक छोटे से गांव गुहाला के अभिषेक शर्मा ने। अवसर है राजस्थान हाईकोर्ट की ओर से सिविल जज भर्ती परीक्षा 2024 के जारी परीक्षा परिणाम का। जिसमें गुहाला कस्बे के अभिषेक शर्मा ने सामान्य श्रेणी में 50वीं रैंक हासिल कर जज बनने का सफर तय किया है। अभिषेक के जज बनने पर पूरे गुहाला कस्बे में खुशी का माहौल है। इंग्लिश मीडियम के अभिषेक शर्मा ने सीनियर तक की पढ़ाई केन्द्रीय विद्यालय सीकर से प्रथम श्रेणी से उत्तीण की। अभिषेक ने राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर से फाईव ईयर इंटीग्रेटेड कोर्स बीए, एलएलबी (ऑनर्स) व एलएलएम की डिग्री प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण की है।

अभिषेक ने यूजीसी नेट एग्जाम लगातार तीन बार उत्तीर्ण की है। अभिषेक वर्तमान में राजस्थान विश्वविद्यालय से पीएचडी कर रहा है। अभिषेक ने आरजेएस परीक्षा में कठिन परिश्रम कर 13 घंटे नियमित अध्य्यन कर सिविल जज की परीक्षा उत्तीर्ण की है। अभिषेक के पिता अशोक कुमार शर्मा निजी कम्पनी में कार्य करते है। अभिषेक का छोटा भाई अंकित शर्मा एमकॉम उत्तीर्ण है व वह भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है। अभिषेक ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी दादी संतोष देवी शर्मा और परिवारजन, गुरूजनों को दिया है। उल्लेखनीय है कि अभिषेक शर्मा सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक स्वर्गीय ऋषिकेष शर्मा के पौत्र है। अभिषेक ने बताया कि उसने कड़ी मेहनत कर अपने दादाजी का सपना साकार किया है, क्योंकि वे हमेशा कहते थे की उनके गांव और आस पास के क्षेत्र से कोई जज नहीं बना है, ऐसे में इस फील्ड की ओर सभी को कड़ी मेहनत कर आगे बढ़ना चाहिए, उनके बताये मार्ग के अनुसार ही अभिषेक ने अपनी पढ़ाई जारी रखी और आखिरकार जज बनकर उनके सपने को पूरा किया। अभिषेक ने बताया कि उनके चाचा सीकर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के पूर्व सदस्य एडवोकेट केके शर्मा को न्यायिक कार्य के दौरान नजदीक से देखा, जिसके बाद उन्होने मेरा इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए मनोबल बढ़ाया और मार्गदर्शन किया। आज ईश्वर की कृपा से, अपनी कड़ी मेहनत, उनके मार्गदर्शन और परिवारजन, मित्रों की प्रार्थना से ही वे आगे बढ़ पाये है।
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