सीकर के लक्ष्मणगढ़ के शेरनाथ आश्रम रुकंसर धाम में भव्य शिवरात्रि महोत्सव का आयोजन हुआ। महंत कैलाशनाथ ने बताया कि कल भजन संध्या का आयोजन किया गया था आज सुबह से पूरे राजस्थान से काफी श्रद्धालु रुकंसार धाम पहुंचे जिन्होंने शिव की पूजा की और प्रसादी पाई । उन्होंने बताया कि शिव कूटस्थ तत्व हैं और शक्ति परिणामिनी तत्व है। नाना प्रकार की विचित्रताओं से परिपूर्ण संसार के रूप में अभिव्यक्त शक्ति आधार एवं अधिष्ठान शिव ही हैं। शिव ही अदृश्य, अव्यक्त, सर्वगत एवं अचल, निराकार, अजन्मा आत्मा है और शक्ति दृश्य, चल, रूपवान, जन्म लेने वाली अर्थात नाम रूप के द्वारा व्यक्त सत्ता है।शिव चेतना, पुरुष सिद्धांत का प्रतीक हैं। शक्ति स्त्री सिद्धांत, सक्रिय शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक है। जब भी कोई शक्ति सक्रिय होती है, और जहाँ भी ऊर्जा मौजूद होती है, शक्ति काम कर रही होती है। इन मूल सिद्धांतों के लिए अन्य शब्द हैं पुरुष और प्रकृति; पुरुष चेतना है और प्रकृति स्वभाव है।

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