सीकर को संभाग बनाने और नीमकाथाना जिले को निरस्त करने के विरोध में अभिभाषक संघ का अनशन जारी…
धरने में अधिवक्ताओं की बढ़ती संख्या, 15 से ज्यादा अधिवक्ताओं ने किया समर्थन
राज्य सरकार द्वारा सीकर को संभाग बनाने और नीमकाथाना जिले को निरस्त करने के विरोध में अभिभाषक संघ की संघर्ष समिति का धरना और अनशन शनिवार को भी लगातार जारी रहा। संघ के महासचिव नरेश भूकर ने बताया कि धरने व अनशन में संघ के अध्यक्ष भागीरथमल जाखड़ के नेतृत्व में पांच प्रमुख अधिवक्ता शामिल थे, जिनमें एडवोकेट अमरचंद पारीक, राजेंद्र शर्मा, प्रताप सिंह चौहान, मोहम्मद अयूब गौरी और विवेक प्रधान प्रमुख थे।
इस धरने को 15 से ज्यादा अधिवक्ताओं ने समर्थन दिया है। संघर्ष समिति के फैसले के तहत 1 फरवरी और 16 फरवरी को सभी न्यायालयों में कार्य स्थगन रखने का निर्णय लिया गया था, जिसका पालन करते हुए अधिवक्ताओं, नोटरी पब्लिक, टाइपिस्ट और स्टाम वेंडर्स ने समर्थन किया।
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