92 वर्षीय चौधरी रूड़ाराम सारण के निधन पर परिवार ने किया देहदान…
18 माह पहले सीकर के एतिहासिक देहदान के कार्यक्रम में की थी घोषणा
जिंदा व्यक्ति किसी के काम आए तो उसे इंसान कहते हैं। लेकिन कई लोग अपनी मृत्यु के बाद भी इंसानियत की मिसाल पेश कर जाते हैं। शुक्रवार को सीकर जिले के नेछवा इलाके के घिरणिया बड़ा निवासी चौधरी रुड़ा राम सारण ने अपनी मृत्यु पर देहदान कर एक प्रेरणादायी मिशाल कायम की है। दरअसल 92 वर्षीय चौधरी रुड़ाराम सारण की गुरुवार शाम को निधन हो गया था । उनकी मृत्यु के बाद परिवारजनों ने देहदानी के पार्थिव देह को शुक्रवार को श्री कल्याण राजकीय मेडिकल कॉलेज को सुपुर्द कर दी ।
देहदान प्रक्रिया और श्रद्धांजलि कार्यक्रम पर उपस्थित जन समुदाय ने कहा कि देहदानी सारण परिवार द्वारा देह का दान करने से समाज में सकारात्मक संदेश मिलेगा। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज के स्टूडेंट्स इसके जरिए ज्ञान हासिल कर अपने कौशल को विकसित कर सकेंगे। इनका यह अनुकरणीय कार्य ग्रामीण अंचल में प्रेरणादायी साबित होगा | देहदानी सारण 92 वर्ष के होने के बावजूद भी हष्ट-पुष्ट और स्वस्थ्य थे |चौ. रूड़ा राम सारण एक किसान के साथ-साथ समाजसेवी एवं प्रेरणास्रोत शख्सियत थे जिन्होंने अपने जीवन को सदैव समाज सेवा को समर्पित किया और अपने देहदान के माध्यम से भी मानवता के प्रति अपनी अंतिम जिम्मेदारी निभाई। उनका यह महान कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा |
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ शिवरतन कोचर एवं एनाटोमी विभाग सहायक आचार्य डॉ विश्वदीपक यादव ने एमबीबीएस स्टूडेंट्स और उपस्थित मेडिकल कॉलेज स्टाफ को केडेवर ओथ दिलाई |
देहदान प्रकिया एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान सांसद अमराराम, राजमेस, जयपुर अतिरिक्त निदेशक ( एकेडमिक) डॉ ममता सिंह,स्वामी केशवानंद शिक्षण संस्थान निदेशक रामनिवास ढाका, सुधीर महरिया स्मृति संस्थान ट्रस्टी सिद्दार्थ महरिया, निदेशक एवं देहदान मोटीवेटर बी एल मील, एनाटॉमी विभाग असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ प्रवेश कुल्हरी, डॉ रवीन्द्र, डॉ रितु लैब अधीक्षक सत्येंद्र कुड़ी, सारण के परिवार के पुत्रगण पूर्व सरपंच मोहन सिंह सारण फौजी, ग्राम विकास अधिकारी भागीरथ सिंह, धर्मपत्नी धन्नी देवी, भाई मुकुंदा राम सारण, पौत्रगण असिस्टेंट रजिस्ट्रार डॉ गंगाधर सारण, व्याख्याता डॉ प्रतिभा सारण, टूरिज़्म काउंसलर समीर सारण, एडवोकेट जयराम सारण, सामाजिक सुरक्षा अधिकारी सरिता सारण, संस्कार ग्रुप ऑफ एजुकेशन, दांतारामगढ़ प्रकाश भाकर, रक्तदाता मुकेश सैनी हर्ष,सन्नी शिवसिंहपुरा, उदय सेवा संस्थान के डॉ जाकिर बड़गुजर ,उमाराम सारण, सांवमल सारण, मंगलचंद रुहेला, केशर सिंह बुरड़क, सरपंच मंगल सिंह मांडोता, किसान सभा जिला सचिव सागर खाचरिया, पूर्व राजस्थान बार संघ अध्यक्ष एडवोकेट नवरंग चौधरी, पिपराली सरपंच संतोष कुमार मूंड, बृजमोहन बुगालिया,प्रो. जेपी सैनी, दानाराम बुरड़क, नाथूराम खाखल, पूर्व प्रधान चोखाराम बुरड़क , धनाराम बागरवा, रवि मांडिया, परमेश्वर पिलानियां, भगवाना राम रेवाड़, मनाराम रेवाड़, श्रवण पिलानियां, पूर्व सरपंच चूनाराम फौजी, सरपंच झाबरमल ओला, सुरेश बगड़ियां, पूर्व पंचायत समिति सदस्य सुरेश थालोड, सत्यजीत भींचर, भानाराम बागरवा, रामस्वरूप निठारवाल, मालासी सरपंच बनवारी मास्टर, सीनियर टेक्निकल सुपरवाइज़र हरदेवा राम, सीनियर नर्सिंग ऑफिसर लोकेश चंद ,हेड कॉन्स्टेबल लक्ष्मण बुरड़क, बनवारी नेहरा सहित जिले के अनेक नेतागण, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, गण्यमान्य लोग और मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस स्टूडेंट ने पुष्प चक्र एवं फूल माला चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की ।
देहदान और अंगदान मोटीवेटर बी एल मील ने बताया कि सीकर में अगस्त माह में अंगदान पखवाड़े के समापन पर सुधीर महरिया स्मृति संस्थान, राजस्थान ब्लड डोनर्स ग्रुप और शेखावाटी ब्लड सेंटर द्वारा आयोजित देहदान कार्यक्रम में मात्र एक घंटे में 132 से भी ज्यादा लोगों ने देहदान की घोषणा कर अनूठा विश्व रिकॉर्ड बनाया था ।
जिसमें सबसे अधिक उम्र के देहदानी चौ. रुड़ाराम सारण ने परिवारजनों से विचार विमर्श कर देहदान की घोषणा की थी |
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