VATS तकनीक से खाने की नली के कैंसर का सफल ऑपरेशन, 60 वर्षीय महिला को मिली नई जिंदगी

सीकर के गैस्ट्रो सर्जन डॉ. विक्रम सिंह सोढ़ा कि महत्वपूर्ण उपलब्धि

सीकर के गैस्ट्रो सर्जन डॉ. विक्रम सिंह सोढ़ा का बड़ा कारनामा

VATS तकनीक से खाने की नली के कैंसर का सफल ऑपरेशन, 60 वर्षीय महिला को मिली नई जिंदगी

सीकर।

चिकित्सा क्षेत्र में सीकर के लिए गर्व की बात है कि वरिष्ठ गैस्ट्रो एवं जीआई सर्जन डॉ. विक्रम सिंह सोढ़ा ने एक बार फिर आधुनिक चिकित्सा तकनीक VATS (Video-Assisted Thoracoscopic Surgery) के माध्यम से खाने की नली (इसोफेगस) के कैंसर से पीड़ित 60 वर्षीय महिला का सफल ऑपरेशन कर उसे नई जिंदगी दी। लगभग छह घंटे तक चली यह जटिल सर्जरी सफल रही और मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ होकर सामान्य रूप से भोजन और पानी ग्रहण कर रही हैं।

रघुनाथगढ़ निवासी 60 वर्षीय महिला पिछले करीब एक महीने से खाना और पानी निगलने में गंभीर परेशानी का सामना कर रही थीं। उन्होंने कई जगह इलाज कराया और दवाइयां भी लीं, लेकिन कोई विशेष लाभ नहीं मिला। आखिरकार उन्होंने वरिष्ठ गैस्ट्रो एवं जीआई सर्जन डॉ. विक्रम सिंह सोढ़ा से संपर्क किया।

डॉ. सोढ़ा ने मरीज की एंडोस्कोपी कर विस्तृत जांच की, जिसमें खाने की नली में कैंसर की पुष्टि हुई। बीमारी की गंभीरता को देखते हुए तत्काल ऑपरेशन का निर्णय लिया गया।

इसके बाद केजीएन हॉस्पिटल में अत्याधुनिक VATS (वीडियो-असिस्टेड थोराकोस्कोपिक सर्जरी) तकनीक से करीब छह घंटे तक चली जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। यह मिनिमली इनवेसिव तकनीक कम चीरे के साथ की जाती है, जिससे मरीज को कम दर्द, कम रक्तस्राव और अपेक्षाकृत तेज रिकवरी का लाभ मिलता है।

ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत लगातार बेहतर होती गई। अब वह बिना किसी परेशानी के भोजन और पानी ग्रहण कर रही हैं। स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी को सफल बनाने में डॉ. विक्रम सिंह सोढ़ा के साथ डॉ. हेमराज, डॉ. पूनिया, प्रदीप, डॉ. सीताराम, सचिन, हेमंत और सुरेंद्र सहित अनुभवी मेडिकल टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

इस अवसर पर डॉ. सोढ़ा ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार खाना निगलने में कठिनाई, पानी पीने में परेशानी या बिना कारण तेजी से वजन कम होने जैसी समस्याएं हों, तो इन्हें सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें। समय पर एंडोस्कोपी और आवश्यक जांच से बीमारी का शुरुआती चरण में पता लगाया जा सकता है, जिससे कैंसर का सफल उपचार संभव हो जाता है।

डॉ. सोढ़ा की इस सफलता ने एक बार फिर यह साबित किया है कि आधुनिक तकनीक, अनुभवी चिकित्सक और समय पर उपचार से जटिल से जटिल बीमारियों का भी सफल इलाज संभव है। यह उपलब्धि सीकर के चिकित्सा क्षेत्र के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

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