शेखावाटी में प्याज की बंपर पैदावार, गिरते दामों से किसान परेशान…

जल्दी निकाले गए प्याज में कड़वाहट और सड़ने की आशंका, किसानों की लागत निकालना भी मुश्किल

शेखावाटी (चूरू, सीकर, झुंझुनूं) में प्याज की बंपर पैदावार के बावजूद किसानों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। थोक भाव 12 से 16 रुपए प्रति किलो तक गिरने से लागत निकालना मुश्किल हो रहा है। नुकसान के डर से किसानों ने समय से पहले प्याज निकालना शुरू कर दिया, जिससे प्याज कच्चा रह गया है और सड़ने की संभावना बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि जल्दी निकाला गया प्याज स्वाद में कड़वाहट घोलता है और ग्राहकों को कम पसंद आता है।

इस बार क्षेत्र में लगभग 23 हजार हेक्टेयर में प्याज की बुवाई हुई, जो पिछले साल से काफी अधिक है। बढ़ती पैदावार के चलते मंडी में प्याज की आवक तेज हो गई है, जिससे दाम और गिरने की संभावना है। किसानों का कहना है कि लेबर और उत्पादन लागत बढ़ने के बावजूद भाव में गिरावट उन्हें बड़ा नुकसान पहुंचा रही है। ट्रांसपोर्टेशन की सीमाओं और कच्चे प्याज के खराब होने के डर से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

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