झुंझुनूं,सीकर , चुरू, नागौर, डीडवाणा -कुचामण ज़िलों , चौमूं, नौहर , भादरा सहित 34 विधानसभा क्षेत्रों, 4 लोकसभा क्षेत्रों और 7 ज़िलों के राजपूत समाज का राजनैतिक पुनरुत्थान शिविर का समापन हुआ। के सामाजिक और राजनैतिक क्षेत्र में सक्रिय राजपूत नागरिकों ने हजारों की संख्या में भाग लिया । शिविर राजपूत समाज का आज तक का सबसे बड़ा राजनैतिक शिविर साबित हुआ ।
शिविर में प्राप्त राजपूत समाज की वर्तमान राजनैतिक समय की कमजोरियों, उनके सुधारों , अमल में लाने की रणनीतियों, उनकी पालना में व्यक्तिगत भूमिकाओं, राजपूत शिरोमणि राजा राम चन्द्र, यदुवंशी राजपूत शिरोमणि द्वारिकाधीश कृष्ण, महाराव शेखा, मीरा बाई सा , महाराणा प्रताप , राम सा पीर , तेजा जी महाराज खींची जैसे महापुरुषों की नीतियों का अनुसरण करते हुए जातिगत और धार्मिक सौहार्द स्थापित करने , ई डब्ल्यू एस आरक्षण की केन्द्र और राज्य स्तर पर तमाम विसंगतियों को दूर करने की , ई डब्ल्यू एस आरक्षण को पंचायती राज और शहरी निकाय चुनावों में लागू करवाने की , यू जी सी जैसे काले कानून को हमेशा _२ के लिए निरस्त करवाने की तय की गई रणनीतियों का संकलन कर शिविर में भाग लेने वाले सभी राजपूत सरदारों तक शीघ्र ही पहुंचाया जाएगा ।
इस आन्दोलन को निरन्तर जारी रखने के लिए इंजीनियर महावीर सिंह झाझड़ को कमान सौंपी गई। सभी मौजूद लोगों ने कहा कि केवल और केवल इंजीनियर महावीर सिंह की अगुवाई में ही इस आन्दोलन को किया जाएगा।
सभी मौजूद राजपूत सरदारों का परिचय विडियो बनाया गया । आयोजन में खर्च हुए तकरीबन 8 लाख को हर विधानसभा के कार्यकर्ताओं में बांटकर शीघ्र ही यह राशी सहभागी राजपूत परिवार मंच को दी जाएगी।
आज की कार्यक्रम में अनूठी सहभागी पहल करते हुए शिविर की सभी व्यवस्थाओं में सहभागिता निभाने वाले एस सी , एस टी , ओ बी सी , मुस्लिम समाज के नागरिकों को राजपूत समाज ने अपने हाथों से शिंकजवी पिलाकर , और मंच पर विराजमान कर और स्वयं नीचे खड़े रहकर स्वागत किया ।
इंजीनियर महावीर ने सभी मौजूद राजपूत समाज को विश्वास दिलाया कि किसी भी पारिवारिक, राजनैतिक , आर्थिक दवाब के आगे नहीं झुकूंगा और राजपूत समाज का राजनैतिक पुनरुत्थान कर कर रहूंगा।
आज के मुख्य वक्ताओं में राम सिंह पिपराली , वीर चक्र जय राम सिंह डाबला , महावीर जती जी महाराज गाडौदा धाम , जितेन्द्र सिंह कुमास जागीर , गजेन्द्र सिंह राजास , महावीर सिंह पार्वतीसर, महावीर सिंह जुलियासर, शिवराज सिंह चौरासी, जितेन्द्र सिंह कोटडी, शिवराज सिंह ईडवा, जसवंत सिंह नौहर, विक्रम सिंह गोगामेड़ी, भंवर सिंह रैवंत , ईश्वर सिंह सांवराद, जसवंत सिंह ठाठा प्रधान, कप्तान अजीत सिंह मानपुरा, विक्रम सिंह चैनपुरा, शैलेन्द्र सिंह तारानगर, महेंद्र सिंह करेजडा, हर्षवर्धन सिंह खुडाणिया चैयरमेन, वीर सिंह डाडाफतेहपुरा, प्रभू सिंह सेवद, डॉ मुलायम सिंह मितासर , सुदेश सिंह तंवर, लोकेंद्र सिंह बड़ागांव, कप्तान हेम सिंह धमोरा , गौरीशंकर सिंह दिपुरा रहे ।मंच संचालन बिशन सिंह भावठडी, सम्पत सिंह जैसलान ने किया । रजिस्ट्रेशन सवाई सिंह झाझड़ और अनुपाल सिंह सिद्धमुख ने किया । भोजन व्यवस्था रणधीर सिंह झाझड़, जीवराज सिंह सालासर ने करी । विशेष सत्र में मुस्लिम समाज की तरफ से शफीक खां नुंआ ने राजपूतों के करिश्माई नेतृत्व पर विश्वास जताया ।दो दिवसीय शिविर में हजारों राजपूत सरदारों ने भाग लिया ।
इंजीनियर महावीर सिंह झाझड़ को 34 विधानसभा सीटों पर ई डब्ल्यू एस , यू जी सी कानून को निरस्त करवाने हेतु होने वाले आंदोलनों का अगुआ नियुक्त किया ।
अरावली में राजपूत समाज का नया नेतृत्व:- इंजीनियर महावीर सिंह झाझड़
सहभागी पहल :- राजपूत समाज के मंच पर एस सी , एस टी , ओ बी सी , मुस्लिम समाज
राजपूतों ने अपने मंच पर एस सी , एस टी , ओ बी सी , मुस्लिम समाज को पिलाई अपने हाथों से शिंकजवी।