NEET-UG 2026: गुरुकृपा ने रचा इतिहास, ऑल इंडिया 11th रैंक के साथ 3000 से अधिक होनहारों ने पक्की की सरकारी MBBS सीट
NEET-UG 2026: गुरुकृपा ने रचा इतिहास, ऑल इंडिया 11th रैंक के साथ 3000 से अधिक होनहारों ने पक्की की सरकारी MBBS सीट
NEET-UG 2026: गुरुकृपा ने रचा इतिहास, ऑल इंडिया 11th रैंक के साथ 3000 से अधिक होनहारों ने पक्की की सरकारी MBBS सीट
सीकर
शिक्षा नगरी सीकर ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मेधा का डंका बजाया है। कल देर रात घोषित हुए NEET-UG 2026 के बहुप्रतीक्षित परिणामों में प्रतिष्ठित ‘गुरुकृपा करियर इंस्टीट्यूट’ ने अपनी बादशाहत कायम रखते हुए सफलता का एक नया कीर्तिमान गढ़ा है। इस वर्ष संस्थान के 3000 से अधिक विद्यार्थियों ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों (MBBS) में अपना प्रवेश सुनिश्चित कर लिया है। यह शानदार आंकड़ा न केवल प्रदेश, बल्कि देश के कोचिंग जगत में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
इस अभूतपूर्व सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए गुरुकृपा के डायरेक्टर प्रदीप बुडानिया ने कहा कि यह ऐतिहासिक परिणाम विद्यार्थियों के अथक परिश्रम, अभिभावकों के अटूट विश्वास और हमारी अनुभवी फैकल्टी के अचूक मार्गदर्शन का सुखद प्रतिफल है। नतीजों में गुरुकृपा के सितारों ने टॉप रैंक्स पर अपना दबदबा कायम किया है। होनहार छात्र अभिलाष कुमार ने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 11 हासिल कर पूरे देश में संस्थान का मान बढ़ाया है। इसके साथ ही दैविक (AIR 47), प्रिंस नेहरा (AIR 121), मोहित (AIR 148), श्रेया यादव (AIR 182), रोहित यादव (AIR 204), हरि सिंह (AIR 250), नितिन कुमार (AIR 257), आइना गढ़वाल (AIR 329), नमन यादव (AIR 331), तनुज ढाका (AIR 348), दक्ष (AIR 358), रौनक चार (AIR 391), दक्ष (AIR 414), कीर्ति कुमावत (AIR 441) और भावना यादव (AIR 497) ने बेहतरीन प्रदर्शन कर सफलता के झंडे गाड़े हैं।
परिणाम आते ही गुरुकृपा परिसर में जश्न का माहौल छा गया। अपनी कामयाबी से गदगद विद्यार्थियों, उनके भावुक अभिभावकों और शिक्षकों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमते हुए एक-दूसरे का मुंह मीठा करवाया। पूरे दिन संस्थान में बधाइयों का तांता लगा रहा।
इस गौरवमयी अवसर पर संस्थान के वाइस प्रेसिडेंट रणजीत सिंह, योगेंद्र शर्मा, रामकरण मील और महेंद्र सैनी ने सभी चयनित होनहारों का माल्यार्पण कर जोरदार स्वागत किया। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि गुरुकृपा का लक्ष्य महज परीक्षाओं में रैंक देना नहीं है, बल्कि देश को ऐसे उत्कृष्ट और मानवीय संवेदनाओं से भरे चिकित्सक सौंपना है, जो समाज की निस्वार्थ सेवा कर सकें। कार्यक्रम में मौजूद संस्थान के सभी विभागाध्यक्षों और स्टाफ ने इसे गुरुकृपा की बेहतरीन शैक्षणिक संस्कृति और अटूट टीम-वर्क की जीत बताया।
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