अजमेर दरगाह में मंदिर के दावे पर विवाद: बीजेपी नेता जमाल सिद्दीकी ने दी प्रतिक्रिया…
सिद्दीकी ने आरोपों को किया खारिज, पीएम मोदी की आस्था पर जताया विश्वास
अजमेर की ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में संकट मोचन महादेव मंदिर के दावे को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इस बीच, बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने कहा कि अगर कोई विवाद होता, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 साल से दरगाह में अकीदत के फूल और चादर नहीं भेजते। उन्होंने इसे पीएम मोदी की आस्था बताया, न कि तुष्टीकरण।
सिद्दीकी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी किसी दबाव या खुश करने के लिए काम नहीं करते, वे वही करते हैं जो देश के लिए अच्छा हो। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग देश की भावनाओं को ठेस पहुंचा रहे हैं। इस दौरान, सिद्दीकी ने हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता की ओर इशारा करते हुए कहा कि वह 800 साल बाद ऐसे विद्वान नहीं हो सकते जो दरगाह में मंदिर होने का दावा कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि देश को कमजोर करने की साजिश की जा रही है, जिसमें विदेशी ताकतें और विपक्ष शामिल हैं।
सिद्दीकी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश में हिंदू-मुस्लिम एकता को बढ़ावा दिया है और उनका नेतृत्व अमन-चैन की उम्मीद बना है। दरगाह में हिंदू समुदाय का सम्मान भी महत्वपूर्ण बताया गया और यह कहा गया कि ख्वाजा साहब ने हिंदुत्व का रंग अपनाया है।
मामले में 20 दिसंबर को सिविल कोर्ट में अगली सुनवाई होगी। दरगाह में मंदिर होने का दावा करने वाली याचिका को कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था।
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