पंकज ओझा का बयान: राइजिंग राजस्थान समिट के 35% MOU धरातल पर लाना बड़ी उपलब्धि…
इन्वेस्टमेंट समिट को लेकर पंकज ओझा ने किया सकारात्मक आकलन
डॉयचे बैंक के निदेशक पंकज ओझा ने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में अपने अनुभव और राज्य सरकार की इन्वेस्टमेंट नीतियों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि 35% MOU का धरातल पर लागू होना सरकार के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी, क्योंकि पिछली सरकारों के दौरान हुए MOU में से केवल 10 से 15% ही धरातल पर आए थे।
ओझा ने बताया कि राजस्थान में अधिकारियों के बदलाव के कारण प्रोजेक्ट्स अटक जाते हैं। नया अधिकारी आने से निवेशकों को फिर से नई शुरुआत करनी पड़ती है, जिससे प्रक्रिया धीमी हो जाती है। उन्होंने सरकार से इस प्रक्रिया को सुधारने का आग्रह किया।
समिट में पंकज ओझा ने कहा कि राजस्थान में निवेशकों के लिए अवसर दिखाए जाते हैं, लेकिन इसके साथ ही कई स्थानीय और नीतिगत समस्याएं सामने आती हैं, जो प्रोजेक्ट्स को धरातल पर लाने में देरी कर देती हैं। हालांकि, उनका मानना है कि सरकार और नेताओं को इस प्रक्रिया से सीखने का मौका मिलेगा, और वे इस बार 30-35% तक MOU को धरातल पर लाने में सफल हो सकते हैं।
ओझा ने यह भी कहा कि राजस्थान में निवेशकों को परेशान करने वाली नीतियों और अधिकारियों के ट्रांसफर की समस्या को ठीक करने की जरूरत है। उनका सुझाव है कि सरकार एक अधिकारी को स्थायी रूप से परियोजना पर नियुक्त करे ताकि प्रोजेक्ट्स समय पर पूरे हो सकें और निवेशकों को मदद मिल सके।
इससे पहले पंकज ओझा ने समिट के अनुभव को सकारात्मक बताया और जयपुर की हॉस्पिटैलिटी और सांस्कृतिक धरोहर की भी सराहना की।
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