भिवाड़ी में बढ़ते प्रदूषण ने हालात को किया गंभीर, अस्पतालों में बढ़ी रोगियों की संख्या…
औद्योगिक क्षेत्र की हवा 5-8 गुना ज्यादा खराब, स्कूलों में छुट्टियां घोषित
राजस्थान का भिवाड़ी शहर पिछले 10 दिनों से ‘जहरीली हवा’ की चपेट में है, जिससे प्रदूषण के स्तर में खतरनाक वृद्धि हो गई है। खासकर भिवाड़ी के औद्योगिक क्षेत्र में वायु गुणवत्ता 5 से 8 गुना तक बिगड़ गई है, जिससे अस्पतालों में आंखों में जलन और अस्थमा जैसी बीमारियों के रोगियों की संख्या में भारी वृद्धि हो गई है।
सांस लेने में मुश्किल, अस्पतालों में बढ़ी ओपीडी
भिवाड़ी के अस्पतालों में अब आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी महसूस करने वाले मरीजों की ओपीडी में 2 से 3 गुना बढ़ोतरी हो गई है। प्रदूषण के कारण लोगों को घरों में रहने के लिए मजबूर किया गया है। एक्सपर्ट का कहना है कि कुछ राहत मिली है क्योंकि हवा चलने और धूप निकलने से हालात में थोड़ी सुधार देखने को मिली है, लेकिन स्थिति में सुधार होने में समय लगेगा।
बुजुर्गों और बच्चों की हालत हुई खराब
बुजुर्गों का कहना है कि प्रदूषण के कारण घरों में भी सांस लेना मुश्किल हो गया है। ताश खेल रहे बुजुर्ग रणजीत सिंह ने बताया कि आंखों में जलन और सांस में घुटन जैसी समस्याएं बढ़ गई हैं। धूप न निकलने की वजह से घरों में सफेद कपड़ों पर भी कालिख सी जमा हो जाती है।
शहर में प्रदूषण के कारण हालात बदतर
दिलीप गुप्ता, एक दुकानदार, ने कहा कि पिछले 8-10 सालों में ऐसा प्रदूषण कभी नहीं देखा था। 17-18 नवंबर को वायु गुणवत्ता बहुत ही खतरनाक स्तर पर पहुंच गई थी, जिससे सांस लेना मुश्किल हो गया था।
प्रदूषण से बचाव के लिए सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं
भिवाड़ी इंडस्ट्रियल अथॉरिटी के बाहर लगे वायु गुणवत्ता डिस्प्ले खराब पड़े हुए हैं, जिससे प्रदूषण के स्तर की जानकारी नहीं मिल पा रही है। स्थानीय बुजुर्ग और दुकानदारों का कहना है कि नगर परिषद ने पानी का छिड़काव और सड़क सफाई के लिए मशीनें लगाई हैं, लेकिन इससे प्रदूषण में कोई खास कमी नहीं आ रही है।
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