मलमास में गौसेवा की मिसाल बना बिन्ज्यासी गांव, 15 दिनों से गौशाला में लापसी का वितरण

मलमास में गौसेवा की मिसाल बना बिन्ज्यासी गांव, 15 दिनों से गौशाला में लापसी का वितरण

मलमास में गौसेवा की मिसाल बना बिन्ज्यासी गांव, 15 दिनों से गौशाला में लापसी का वितरण

सीकर।

सीकर जिले की धोद तहसील के अंतर्गत बिन्ज्यासी गांव स्थित श्री गोपाल गौशाला इन दिनों गौसेवा की अनूठी मिसाल पेश कर रही है। मलमास के पावन अवसर पर यहां पिछले पन्द्रह दिनों से लगातार गौमाताओं को लापसी बनाकर खिलाई जा रही है, जिसमें पूरे गांव के लोग बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। ग्रामवासियों का उत्साह, लगन और सामूहिक सहभागिता देखते ही बनती है। सुबह से ही गौशाला में सेवा कार्य शुरू हो जाता है—कोई लापसी बनाने में सहयोग करता है तो कोई वितरण और व्यवस्था संभालता है। इस पुनीत कार्य में युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी एकजुट होकर सेवा दे रहे हैं। ग्रामवासियों का कहना है कि मलमास में गौसेवा का विशेष महत्व है और इसी भावना के तहत यह सेवा निरंतर जारी है। गौशाला प्रबंधन के अनुसार, नियमित रूप से पौष्टिक लापसी मिलने से गौमाताओं के स्वास्थ्य में भी सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। यह पहल न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी, सामाजिक एकता और सेवा भाव का भी संदेश देती है। बिन्ज्यासी गांव की यह पहल आसपास के क्षेत्रों के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है। गांव में चर्चा है कि भविष्य में भी ऐसे सेवा कार्यों को निरंतर जारी रखा जाएगा, ताकि गौमाताओं की देखभाल और संरक्षण को और मजबूती मिल सके।

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