सीकर में अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की स्थानीय इकाई ने माइक्रोफाइनेंस कंपनियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट के बाहर एक दिन का धरना दिया। समिति की सदस्य रेखा जांगिड़ ने आरोप लगाया कि ये कंपनियां सूदखोरी में लिप्त हैं। महिलाओं को आकर्षक योजनाओं का लालच देकर ऊंची ब्याज दरों पर ऋण दिया जाता है और ऋण न चुका पाने पर उन्हें मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है।
रेखा जांगिड़ ने बताया कि कई बार रिकवरी एजेंटों द्वारा घरों में आकर अपमानजनक हरकतें की जाती हैं, जिससे महिलाओं का जीना मुश्किल हो गया है। सूदखोरी के कारण जिले में आत्महत्या की घटनाएं भी हो चुकी हैं। समिति ने जिला प्रशासन को पहले भी इस मुद्दे पर कार्रवाई के लिए ज्ञापन दिया था, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस धरने के माध्यम से प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।
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