राजस्थान में ‘मेलिओडोसिस’ बीमारी का खतरा, 5 मरीज सामने आए…
चावल के खेतों और पानी वाली जगहों पर सक्रिय बैक्टीरिया से स्थिति गंभीर
राजस्थान में अब ‘मेलिओडोसिस’ नामक बीमारी का खतरा बढ़ चुका है, जो पहले वियतनाम में प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान फैल चुकी थी। इस बीमारी का कारण बर्कहोल्डरिया स्यूडोमैलई नामक बैक्टीरिया है, जो मिट्टी और पानी में सक्रिय होता है। पिछले छह महीनों में एम्स जोधपुर में इस बैक्टीरिया के कारण 5 मरीज सामने आए हैं, जिनमें से एक की मौत हो चुकी है।
यह बैक्टीरिया शरीर में घाव या सांस के माध्यम से प्रवेश करता है, जिससे गंभीर संक्रमण हो सकता है। अब तक, जोधपुर, जालोर और पाली में इस बीमारी के मरीज पाए गए हैं। डॉक्टरों ने इस बैक्टीरिया के नए स्ट्रेन का अंदेशा जताया है, जिससे मरीजों का इलाज काफी मुश्किल हो रहा है। मेलिओडोसिस से प्रभावित मरीजों को तेज बुखार, सांस में तकलीफ, और शरीर के विभिन्न अंगों में मवाद भरने जैसी समस्याएं होती हैं। इस बीमारी को यदि समय पर इलाज न मिले तो स्थिति गंभीर हो सकती है और मौत तक हो सकती है।
राजस्थान में इस बीमारी के फैलने की शुरुआत पाली, जालोर और जोधपुर से हुई है, जबकि इसके फैलने की संभावना अन्य सूखे इलाकों में भी जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बैक्टीरिया के फैलने से बचने के लिए कृषि कार्य करते वक्त सुरक्षा उपायों का पालन करना जरूरी है, जैसे दस्ताने, मड शूज, और मास्क का उपयोग करना।
Comments are closed.