सरिस्का के जंगल से अलवर पहुंचे लेपर्ड का पिंजरे में फंसने का इंतजार…

वन विभाग की रातभर की कोशिश नाकाम, नए तरीके से लगेंगे पिंजरे

अलवर के आरआर कॉलेज परिसर में सरिस्का के बफर जोन से भटक कर आए लेपर्ड को पकड़ने की वन विभाग की कोशिशें फिलहाल सफल नहीं हो पाईं। बुधवार रात लगाए गए दो पिंजरों में से एक में मेमना और दूसरे में बकरा रखा गया था। हालांकि, लेपर्ड ने पिंजरों के पास आकर हरकत की, लेकिन पिंजरे में फंसने से बच निकला। वनकर्मी अब पिंजरों को नए सिरे से लगाकर रात में एक बार फिर उसे पकड़ने का प्रयास करेंगे।

पिंजरे के पास पहुंचे पर नहीं फंसा
सहायक वनपाल भीम सिंह ने बताया कि लेपर्ड देर रात हनुमान मंदिर के पास लगाए गए दोनों पिंजरों के पास आया। उसने एक पिंजरे की ग्रीन मेट को हटा दिया, जिससे उसका दरवाजा बंद हो गया। दूसरे पिंजरे में उसने अंदर तक एक पैर रखा, लेकिन दरवाजा बंद नहीं हो सका। इसके बाद लेपर्ड ने शिकार भी नहीं किया और परिसर में सड़क पार कर आसपास के घरों की ओर चला गया।

अब पिंजरों को जमीन में मजबूती से गाड़कर इस तरह से लगाया जाएगा कि लेपर्ड आसानी से अंदर आ सके। वन विभाग को उम्मीद है कि अगली रात उसे पकड़ने में सफलता मिल सकती है।

Comments are closed.