सर्दियों में मंदिरों में बदली दिनचर्या: ठाकुरजी को गर्म कपड़ों और विशेष भोग का प्रबंध…
शीतलहर के बीच भगवान की सेवा में शामिल हुए सिगड़ी और पौष्टिक प्रसाद
सीकर में शीतलहर का असर मंदिरों की दिनचर्या पर भी दिखने लगा है। भगवान को सर्दी से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनाए जा रहे हैं, और भोग में भी बदलाव किया गया है। प्रमुख मंदिरों में सुबह-शाम की आरती के समय में परिवर्तन किया गया है। शहर के गोपीनाथजी मंदिर, कल्याण धाम मंदिर, और जानकीनाथ मंदिर के महंतों ने बताया कि अब ठाकुरजी को गर्म दूध में पिस्ता, काजू, और बादाम का भोग लगाया जा रहा है।
मंदिरों में सिगड़ी की व्यवस्था की गई है ताकि भगवान को ठंड से बचाया जा सके। भोग में गोंद, मेथी, और तिल के लड्डू, खिचड़ी, और दलिया शामिल किए गए हैं। सुबह और शाम की आरती के समय में बदलाव कर उसे अधिक अनुकूल बनाया गया है। जानकीनाथ मंदिर में रात्रि शयन का समय 9:30 बजे कर दिया गया है, जो पंचमी के बाद और बदला जाएगा। यह बदलाव सर्दी के बढ़ते प्रकोप को ध्यान में रखकर किए गए हैं।
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