साइबर ठगों से कैसे बचें: मोबाइल हैकिंग का तरीका और पहचान…

नकली आमंत्रण पत्र के जरिए मोबाइल हैकिंग की बढ़ती घटना

अजमेर के साइबर थाने के प्रोग्रामर देवेंद्र ने एक चेतावनी दी है कि कैसे साइबर ठग अनजाने में आपके मोबाइल को हैक कर सकते हैं। ठग अब रिमोट एक्सेस ऐप्स के जरिए मोबाइल की जानकारी चुराते हैं। ये ऐप्स APK फाइल्स के रूप में होते हैं, जिन्हें गूगल प्ले स्टोर पर बैन किया जाता है। ऐसे में, ठग आमतौर पर किसी ‘आमंत्रण पत्र’ के नाम पर लिंक भेजते हैं, और जैसे ही आप उस लिंक पर क्लिक करते हैं, ऐप डाउनलोड हो जाता है। यदि आपके वॉट्सऐप में ऑटो डाउनलोड एक्टिव है तो यह ऐप बिना क्लिक किए भी डाउनलोड हो सकता है।

हैकिंग के बाद ठग का नियंत्रण
एक बार यह APK फाइल आपके फोन में इंस्टॉल हो जाती है, तो हैकर्स आपके फोन का पूरा नियंत्रण प्राप्त कर लेते हैं। फोन की कॉल लॉग, संपर्क सूची, निजी तस्वीरें, बैंकिंग ऐप्स के पासवर्ड, और यहां तक कि फोन के कैमरे तक को हैकर्स कंट्रोल कर सकते हैं। हैकर्स इसके जरिए आपके ओटीपी (OTP) भी चुराकर आपके बैंक खातों से पैसे निकाल सकते हैं, जबकि आप अनजान रहते हैं।

कैसे पहचानें असली और नकली आमंत्रण पत्र?
अधिकांश लोग जब किसी शादी का कार्ड वॉट्सऐप पर भेजते हैं, तो वह PDF फॉर्मेट में होता है। उदाहरण के लिए, “मानवजीत की शादी का कार्ड” आमतौर पर “Invitation manavjeet.pdf” के रूप में होता है। अगर किसी फाइल के नाम के अंत में .apk, .exe, .pif, .shs, .vbs जैसा एक्सटेंशन हो तो उस लिंक पर बिल्कुल क्लिक न करें। ये फाइलें आपके मोबाइल को हैक कर सकती हैं।

मोबाइल हैक होने पर क्या करें?
अपने मोबाइल में किसी भी संदिग्ध ऐप को पहचानने के लिए सेटिंग्स में जाकर .apk, .exe, .pif, .shs, .vbs जैसा नाम सर्च करें। यदि इनमें से कोई ऐप इंस्टॉल हो तो उसे तुरंत अनइंस्टॉल कर दें।

साइबर ठगी से बचने के उपाय

  • किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
  • वॉट्सऐप या अन्य प्लेटफॉर्म्स से भेजे गए संदिग्ध फाइल्स को न खोलें।
  • किसी भी असामान्य गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करें।
  • साइबर फ्रॉड का शिकार होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

Comments are closed.