निवेश और वित्तीय प्रबंधन का ज्ञान समय की जरूरत : प्रो. राय

शेखावाटी विश्वविद्यालय में निवेश जागरूकता कार्यक्रम

निवेश और वित्तीय प्रबंधन का ज्ञान समय की जरूरत : प्रो. राय

शेखावाटी विश्वविद्यालय में निवेश जागरूकता कार्यक्रम

निवेश हमेशा सोच-समझकर और सही जगह पर करें : पंकज

सीकर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय, सीकर में शुक्रवार को निवेश जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विवि के कॉमर्स एवं प्रबंधन विभाग, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) तथा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के संयुक्त तत्वावधान में हुआ।

कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय के समक्ष दीप प्रज्ज्लन के साथ हुई।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. (डॉ.) अनिल कुमार राय ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह और शॉल भेंट किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. (डॉ.) अनिल कुमार राय ने की। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि विद्यार्थियों के लिए निवेश और वित्तीय प्रबंधन का ज्ञान भविष्य निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक है।  प्रो. राय ने कहा कि वित्तीय साक्षरता और निवेशक संरक्षण पर केंद्रित रहना आवश्यक है। सोशल मीडिया पर निवेशकों को जागरूक करने के लिए लगातार विज्ञापन आते रहते हैं। इसलिए आज के समय मे हम सभी को इसकी जानकारी होनी चाहिए। निवेश से पहले उत्पाद को समझें।

विश्व निवेशक सप्ताह 2025 के  अंतर्गत हुए कार्यक्रम के मुख्य वक्ता  पंकज तंवर, हेड — कॉमन इन्वेस्टर सर्विस सेंटर (CISC), जयपुर, एनएससी) रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को पूंजी बाजार, निवेश के सुरक्षित माध्यमों, जोखिम प्रबंधन और निवेशक सुरक्षा के विषय में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि निवेश हमेशा सोच-समझकर और प्रमाणित स्रोतों से प्राप्त जानकारी के आधार पर ही करना चाहिए।

इस अवसर पर  महेंद्र कुमार जैन, रीजनल मैनेजर, आईसीआईसीआई बैंक, सीकर ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने विद्यार्थियों को आधुनिक बैंकिंग सेवाओं, डिजिटल निवेश और वित्तीय जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डाला।

महेंद्र जैन ने बताया कि वर्तमान समय में सभी लोग जागरूक रहे और अपना निवेश एक सही कम्पनियों में लगाएं।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने इस सत्र को अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और उपयोगी बताया।

प्रबंधन विभाग की प्राध्यापिका डॉ. ममता वर्मा ने कार्यक्रम की रुपरेखा बताई।

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