संगीत आश्रम संस्थान का शास्त्रीय संगीत समारोह: सलिल चौधरी और रोशन के संगीत से सजी शाम…

बॉलीवुड के शास्त्रीय संगीत की यादगार प्रस्तुति, संस्थान में रचा संगीतमय माहौल

संगीत आश्रम संस्थान के तीन दिवसीय शास्त्रीय संगीत समारोह के अंतिम दिन एक अद्भुत शाम का आयोजन किया गया, जिसमें बॉलीवुड के लेजेण्डरी संगीत निर्देशक सलिल चौधरी और रोशन के संगीतबद्ध गीतों की शानदार प्रस्तुति हुई। इस कार्यक्रम में संस्थान के लगभग 20 कलाकारों ने सुर, लय और ताल की अद्भुत संगति से सदाबहार गीतों की माला पिरोकर संस्थान परिसर को गुंजा दिया।

शास्त्रीय संगीत की मीठी धुनें

संगीत निर्देशक वत्सल अनुपम के मार्गदर्शन में आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में तन्विका दीक्षित ने आ हा रिमझिम के ये प्यार गीत की मधुरता से सभी का दिल छू लिया, वहीं वनिता हीरानी ने ना जाने क्यूं होता है और कशिश कंवर ने ना जिया जाए रे जैसे लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति दी।

इसके अलावा, भूमिका राठौर ने ओ सजना बरखा बहार आई, ममता शर्मा ने आ जारे मैं तो कब से और खुशबू कंवर ने सारी सारी रात तेरी याद सताए गीतों को बखूबी पेश किया। रजनी कुमावत ने दुनिया में ऐसा कहां सबका नसीब, गीत शर्मा ने घड़ी-घड़ी मोरा दिल धड़के और जीनस कंवर ने तस्वीर तेरी दिल में गीतों को अपने सुरों में रंग दिया।

बीट्स और संगीत का संगम

इस कार्यक्रम में रियाशीं अग्रवाल की प्रस्तुति कई बार यूं भी देखा है ने माहौल को और भी खुशनुमा बना दिया। प्रीति प्रधान, जयति कुमारी, लक्ष्य शर्मा, प्रियंका, जगदीश, अंजली शर्मा जैसे कलाकारों ने भी अपनी कला का अद्भुत प्रदर्शन किया, जो कि शास्त्रीय संगीत के साथ बॉलीवुड के मेलोडी को बखूबी दर्शाता है।

संगीत में मेलोडी और हार्मनी की संगीतमय संगति में सुलेमान खान (अकॉर्डियन), वत्सल अनुपम (हारमोनियम), वरुण (तबला), गर्वित (इलेक्ट्रॉनिक पेड), देवांक (गिटार) और दिशा शर्मा ने अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को संगीत में डुबो दिया।

समारोह का समापन और आभार

कार्यक्रम का संचालन वीना अनुपम ने किया, और अंत में संस्थान सचिव अमित अनुपम ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।

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