झुंझुनूं: बीडीके अस्पताल में ब्लड सेपरेशन मशीन दो साल से बंद…
लाइसेंस की कमी से मरीजों को नहीं मिल रही राहत, थैलेसीमिया रोगियों को सबसे अधिक परेशानी
झुंझुनूं जिले के बीडीके अस्पताल में दो साल पहले आई ब्लड सेपरेशन मशीन अब तक चालू नहीं हो सकी है। लाइसेंस न मिलने के कारण यह मशीन ताले में बंद है, जिससे थैलेसीमिया, डेंगू, और अन्य गंभीर बीमारियों के मरीजों को जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। थैलेसीमिया के 80 से ज्यादा मरीजों को पीआरबीसी के बजाय सीधा खून चढ़ाना पड़ रहा है, जबकि डॉक्टर इसे कम प्रभावी मानते हैं।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि लाइसेंस के लिए फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) को आवेदन भेजा गया है। पीएमओ राजवीर राव ने भरोसा दिलाया कि अनुमति मिलते ही यूनिट शुरू कर दी जाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इस मशीन के सक्रिय होने से एक यूनिट ब्लड को तीन मरीजों के लिए उपयोग में लाया जा सकेगा, जिससे इलाज की गुणवत्ता और क्षमता में सुधार होगा।
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