सीकर
आस्था, श्रद्धा और दृढ़ संकल्प का प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए सीकर के 96 वर्षीय रामप्रसाद अग्रवाल ने सफलतापूर्वक चारधाम यात्रा पूर्ण कर समाज के लिए मिसाल कायम की। इस उम्र में कठिन पर्वतीय मार्गों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद उनकी धार्मिक निष्ठा और साहस ने सभी श्रद्धालुओं को प्रेरित किया।
चारधाम यात्रा पर गए सीकर के सभी श्रद्धालु सकुशल अपने घर लौट आए। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने यमुनोत्री धाम, गंगोत्री धाम, केदारनाथ धाम एवं बद्रीनाथ धाम के दर्शन कर परिवार, समाज और क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की प्रार्थना की।
यात्रा में रामप्रसाद अग्रवाल (96 वर्ष) के साथ मातादीन अग्रवाल, मैना देवी, रामप्रसाद मोर, मंजू मोर, अशोक कुमार अग्रवाल, अरुणा अग्रवाल, कमल किशोर काबरा, आशा देवी काबरा, नंद किशोर काबरा, शारदा काबरा, सविता देवी लढा, महेश कुमार काबरा, सीमा देवी काबरा, इंदर चंद अग्रवाल, पिस्ता देवी अग्रवाल, प्रेम लता अग्रवाल, आलोक मंगलचंद अग्रवाल, मनोज कुमार अग्रवाल, मोनिका अग्रवाल, सीता राम अग्रवाल, बीना अग्रवाल, पवन कुमार सराफ, कौशल्या देवी सराफ, महेंद्र सिंह एवं निधि अग्रवाल शामिल रहे।
श्रद्धालुओं ने बताया कि यह यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आत्मिक शांति, विश्वास और जीवन में नई ऊर्जा का अनुभव कराने वाली रही। सकुशल वापसी पर परिजनों और शुभचिंतकों ने सभी यात्रियों का भव्य स्वागत किया।
यात्रा के समापन पर सभी श्रद्धालुओं ने ऋषिकेश में पवित्र गंगा तट पर स्नान कर आस्था की डुबकी लगाई और विधिवत पूजा-अर्चना के साथ अपनी चारधाम यात्रा को पूर्ण रूप दिया। श्रद्धालुओं ने मां गंगा से परिवार, समाज और देश की सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की।
96 वर्ष की आयु में चारधाम यात्रा पूर्ण कर रामप्रसाद अग्रवाल ने यह सिद्ध कर दिया कि सच्ची श्रद्धा और दृढ़ इच्छाशक्ति के आगे उम्र भी छोटी पड़ जाती है। यह यात्रा पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा और गर्व का विषय बनी हुई है।
हर-हर महादेव! जय बद्रीविशाल