आफ़ताबे शेखावाटी का 160 वां सालाना उर्स अपने चरम पर
नजमुल औलिया कॉन्फ्रेंस का हुआ सफल आयोजन।
FATEHPUR
ऐतिहासिक दरगाह आफ़ताबे शेखावाटी हज़रत ख़्वाजा हाजी मुहम्मद नजमुद्दीन साहिब सुलैमानी चिश्ती अल्फ़ारूक़ी रहमतुल्लाह अलयह का 160 वां सालाना उर्स मुबारक अपने चरम पर है। उर्स के 5 वें दिन देर रात दरगाह में नजमुल औलिया कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया जिसमें बीजापुर कर्नाटक की दरगाह हाशिम पीर के सज्जादानशीन से आए देश के मशहूर मुस्लिम स्कॉलर सय्यद मुहम्मद तनवीर हाशमी ने इस्लाम धर्म मे ग़रीबों मुहताजों से मुहब्बत और सिलह रहमी पर चर्चा की। शहज़ादा ए हुज़ूर नसीरे मिल्लत पीर ग़ुलामे नजम ने अपने प्रवचन में सूफ़ीवाद करने पर चर्चा की। राजकोट से आए अंतरराष्ट्रीय नात ख्वां शब्बीर बरकाती ने अपनी मधुर आवाज में नातें पढ़ कर समां बाँधा। कार्यक्रम का संचालन आफ़ाक़ अहमद नजमी और क़ारी इब्राहीम नूरी ने किया। आखिर में सज्जादा नशीन व मुतवल्ली हुज़ूर नसीरे मिल्लत ने देश मे अमन चैन व भाई चारे की दुआ माँगी।
कल 7 अप्रैल को क़दीमी शाही चादर का जुलूस दोपहर 2 बजे शाही लवाजमे के साथ मुहल्ला चेजारान से रवाना हो कर मुख्य बाजार से गश्त करता हुआ शाम 7:30 बजे दरगाह शरीफ पहुंचेगा जहां सज्जादानशीन व मुतवल्ली पीर ग़ुलाम नसीर साहब उसे अपने सर पर ग्रहण कर मुख्य मज़ार पर पेश करेंगे। 8 अप्रैल को कुल की रस्म के साथ उर्स का विधिवत समापन होगा।
उर्स के दौरान देश के कोने कोने से हज़ारों ज़ायरीन दरगाह पहुंच रहे हैं। उर्स के दौरान रोज़ाना क़ुरान ख्वानी, सुबह शाम लंगर, दिन में व रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक क़व्वाली की महफ़िल का आयोजन हो रहा है जिसमें मुल्क के नामवर क़व्वाल क़व्वालियाँ पेश कर रहे हैं । मेले में लगे झूले व दुकानों पर मेले में आए जायरीन की भीड़ देखते ही बनती है।

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