जिला बैठक में संगठन विस्तार व शैक्षिक गुणवत्ता संवर्धन पर मंथन
जिला बैठक में संगठन विस्तार व शैक्षिक गुणवत्ता संवर्धन पर मंथन
जिला बैठक में संगठन विस्तार व शैक्षिक गुणवत्ता संवर्धन पर मंथन
सीकर।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) जिला सीकर की जिला कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक रविवार को शहर स्थित श्री मदन लाल बियानी बालिका उच्च माध्यमिक आदर्श विद्या मंदिर, ऋषिकुल मार्ग में सम्पन्न हुई। बैठक में विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों एवं उपखंडों (उपशाखाओं) से आए प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए संगठनात्मक विषयों पर गंभीर विचार-विमर्श किया।
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता राजवीर सिंह ने कहा कि संगठन का मूल उद्देश्य शिक्षक, शिक्षार्थी और राष्ट्रहित को साथ लेकर आगे बढ़ना है। उन्होंने सदस्यता अभियान को संगठन की शक्ति का आधार बताते हुए इसे निर्धारित समय में पूर्ण करने का आह्वान किया। साथ ही शिक्षकों से नई शिक्षा नीतियों एवं नवाचारों को अपनाकर शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने पर बल दिया।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संपत सिंह ने अपने उद्बोधन में संगठन के नाम परिवर्तन को “अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ” के रूप में उसकी व्यापकता और राष्ट्रीय पहचान का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा that यह परिवर्तन संगठन की सुदृढ़ वैचारिक दिशा, विस्तृत स्वरूप एवं शैक्षिक उत्कृष्टता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने आगामी सदस्यता अभियान (15 से 25 अप्रैल) को सफल बनाने, खण्ड स्तर पर प्रशिक्षण वर्ग आयोजित करने तथा संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया।
बैठक में सदस्यता अभियान की रणनीति, खण्ड (उपशाखा) प्रशिक्षण वर्गों का आयोजन, नवसंवत्सर एवं प्रदेश अधिवेशन की समीक्षा, संकुल संरचना का गठन तथा समरसता दिवस जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। जिला अध्यक्ष कल्याण सिंह एवं जिला मंत्री रामलाल ने बताया कि सदस्यता अभियान को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने हेतु विशेष कार्ययोजना बनाई गई है, जिसमें सभी उपशाखाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
राष्ट्रीय मीडिया प्रकोष्ठ से राकेश कुमार शर्मा ने मीडिया से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
कार्यक्रम का संचालन कोषाध्यक्ष बिहारी सिंह कविया एवं अतिरिक्त जिला मंत्री सनत कुमार शर्मा ने किया। इस अवसर पर सुरेश कुमार, यशवंत सिंह, नीतू शर्मा, सुशीला रेवाड़ एवं विजयलता पालावत सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
बैठक में अनुशासन, संगठनात्मक एकता एवं समर्पण की भावना स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई, जो संगठन की सुदृढ़ता और सक्रियता का परिचायक है।

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