झण्डे की रस्म के साथ आफ़ताबे शेखावाटी के 160 वें वार्षिक उर्स का आगाज़

झण्डे की रस्म के साथ आफ़ताबे शेखावाटी के 160 वें वार्षिक उर्स का आगाज़

झण्डे की रस्म के साथ आफ़ताबे शेखावाटी के 160 वें वार्षिक उर्स का आगाज़

फतेहपुर

कस्बे में धार्मिक सौहार्द व गंगा जमुनी तहजीब की प्रतीक ऐतिहासिक दरगाह आफ़ताबे शेखावाटी हज़रत ख़्वाजा हाजी मुहम्मद नजमुद्दीन साहिब सुलैमानी चिश्ती अल्फ़ारूक़ी रहमतुल्लाह अलयह में आगामी 160 वें सालाना उर्स मुबारक का आग़ाज़ आज शाम 6 बजे झण्डे की रस्म के साथ हुआ जिसमें असर की नमाज़ के बाद दरगाह के सज्जादानशीन व मुतवल्ली हुज़ूर नसीरे मिल्लत हज़रत पीर ग़ुलाम नसीर साहिब नजमी सुलैमानी चिश्ती अल्फ़ारूक़ी ने दरगाह के बुलंद दरवाजे पर ध्वजारोहण कर उर्स का विधिवत आरम्भ किया। देर रात दरगाह शरीफ में ग़ुस्ल की रस्म अदा की गई जिसमें मुख्य मज़ार को गुलाबजल और केवड़े से ग़ुस्ल दिया गया और संदल चढ़ाया गया। इस के साथ ही दरगाह में बाहरी जायरीनों का आना शुरू हो गया है और मेले में दुकानों और झूलों का सजना भी शुरू हो गया। दिनांक 2 और 3 अप्रैल को पूर्व सज्जादानशीन व मुतवल्ली हज़रत पीर नूरुल हसन साहिब का उर्स मनाया जाएगा। 5 अप्रैल को नजमुल औलिया कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाएगा जिसमें बीजापुर कर्नाटक अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त इस्लामिक स्कॉलर पीर सय्यद तनवीर हाशमी साहब प्रवचन देंगे। उनके साथ अंतरराष्ट्रीय नात ख्वां शब्बीर बरकाती साहब भी अपने कलाम पेश करेंगे। शहज़ादा ए हुज़ूर नसीरे मिल्लत पीर ग़ुलामे नजम साहब का भी बयान होगा। 7 अप्रैल को क़दीमी शाही चादर का जुलूस शाही लवाज़िमात और गाजे बाजे के साथ दोपहर 2 बजे मोहल्ला चेजारान से रवाना हो कर शाम 7 बजे दरगाह शरीफ पहुँचेगा। 8 अप्रैल को कुल की रस्म के साथ उर्स का विधिवत समापन होगा।

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