माइनॉरिटी अफेयर्स एसोसिएशन का सातवां मुस्लिम प्रतिभा सम्मान समारोह में 232 प्रतिभाएं सम्मानित हुई
बच्चों के हाथ में किताब होगी तभी भविष्य रोशन होगा – पारीक
बच्चों के हाथ में किताब होगी तभी भविष्य रोशन होगा – पारीक
माइनॉरिटी अफेयर्स एसोसिएशन का सातवां मुस्लिम प्रतिभा सम्मान समारोह में 232 प्रतिभाएं सम्मानित हुई
सीकर।
कौम की तरक्की का असली दरवाज़ा स्कूल और किताबों से खुलता है। आज दुनिया में जो भी समाज आगे है, उसने तालीम को अपनी नसों में उतार लिया है।
यह बात विधायक एवं पूर्व केबिनेट मंत्री राजेंद्र पारीक ने रविवार को रानी महल में आयोजित माइनॉरिटी अफेयर्स एसोसिएशन के जिला स्तरीय सातवें मुस्लिम प्रतिभा सम्मान समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कही। समारोह जामा मस्जिद के पेश इमाम हाफिज हाजी मोहम्मद इब्राहीम की सरपरस्ती और निवर्तमान सभापति जीवन खान की अध्यक्षता में हुआ जिसमें मुख्य अतिथि के बतौर सांसद पुत्र महावीर सिंह, विधायक राजेन्द्र पारीक, लक्ष्मणगढ़ चेयरमैन मुस्तफा कुरैशी के बतौर उपस्थित हुए।मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में नवचयनित आर ए अधिकारी डॉ. मोहसिन खान व जनाब गुलबाज पठान, मोटीवेटर एस डी जोया, खादिम हुसैन खत्री, इरफान अली बडगुजर, आदिल खान रोलसाहबसर, गाजी मुफीद खान,एडवोकेट इकबाल मोती खां, मो याकूब बेहलीम,डॉ. रशीद अहमद चौहान सहित अनेक समाज के गणमान्यजन विशिष्ट अतिथि के बतौर मौजूद थे।
संस्था महासचिव निसार अहमद जाटू ने बताया कि समारोह में 131 दसवीं और बोर्ड की 90 % से अधिक अंक की जिले की 131 प्रतिभाओं, नीट से सरकारी कॉलेज में प्रवेशित, सरकारी सेवा में नियुक्त, हाफिज, राष्ट्रीय खिलाड़ी, कॉलेज डिग्री , डॉक्टर, इंजीनियर सहित कुल 232 प्रतिभाओं को एम ए जी टेलेंट अवॉर्ड, लेप टॉप, स्टूडेंट टेबलेट, मोमेंटो सर्टिफिकेट सहित प्रमाण पत्र देकर शॉल ओढा कर सम्मानित किया गया। संस्था अध्यक्ष ने अतिथियों के स्वागत के बाद संस्था प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
मुख्य अतिथि विधायक राजेन्द्र पारीक ने कहा कि मुस्लिम समाज में काबिलियत की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल इस काबिलियत को सही दिशा देने की है। तालीम सिर्फ नौकरी पाने का जरिया नहीं बल्कि सोच को बड़े स्तर तक ले जाने की ताकत है। उन्होंने कहा कि सीकर की मिट्टी हमेशा से शिक्षा की भूमि रही है और यहां के बच्चे देशभर में अपनी पहचान बना रहे हैं।
“अगर यह धरती डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, आईपीएस और वैज्ञानिक तैयार कर सकती है, तो मुस्लिम समाज के बच्चे भी पीछे क्यों रहें?” उन्होंने कहा कि आगे बढ़ने का रास्ता जाति या मजहब से नहीं बल्कि मेहनत और तालीम से तय होता है।
उन्होंने डिजिटल युग का उल्लेख करते हुए कहा कि मोबाइल और इंटरनेट को गलत उपयोग से निकालकर शिक्षा और जानकारी का साधन बनाया जाए। अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे बच्चों को केवल डिग्री तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें सोचने, सवाल करने और सीखने की आजादी दें।
पारीक ने कहा कि समाज तब मजबूत होता है जब उसके शिक्षित युवा आगे बढ़कर समाज के काम आते हैं। डॉक्टरी, इंजीनियरिंग, प्रशासनिक सेवाएं, व्यापार और कला जैसे सभी क्षेत्रों में अवसर उपलब्ध हैं।
आपके बच्चों की कामयाबी ही समाज की असल तरक्की है। इसलिए तालीम को सिर्फ सलाह नहीं, बल्कि घर की संस्कृति बनाया जाए।
उन्होंने विशेष रूप से बेटियों की शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि पढ़ी-लिखी बेटी पूरे परिवार और आने वाली नस्लों को रोशन करती है।
बेटियों को रोका नहीं, उड़ान दीजिए। उनकी किताबें बंद होंगी तो सपने भी बंद हो जाएंगे।
जयपुर के मोटिवेशनल स्पीकर एस डी जोया ने प्रतिभाओं को सफलता के टिप्स देते हुए कहा कि सफलता के लिए कोई शॉर्टकट नहीं है उसके लिए लगातार मेहनत जरूरी है कोई बहाना नहीं चलता है आने वाली समस्याओं को चेलेंज के रूप में लेवे।नवचयनित आर ए एस अधिकारियों डॉ मोहसिन खान और गुलबाज पठान ने कामयाबी के लिए अपने अनुभव साझा किए।
संस्था ने आयोजन में सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जिले के गणमान्यजन, अभिभावक, विद्यार्थी, जनप्रतिनिधि गण, पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन प्रिंसिपल असलम खान और निसार अहमद जाटू ने किया।

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