सीकर की बेटी फिर बनीं मिसाल

छात्रा निदा खान ने बीयूएमएस में पूरे राज्य में प्रथम स्थान किया हासिल, गोल्ड मेडल किया अपने नाम

सीकर की बेटी फिर बनीं मिसाल

छात्रा निदा खान ने बीयूएमएस में पूरे राज्य में प्रथम स्थान किया हासिल, गोल्ड मेडल किया अपने नाम

सीकर

सीकर शहर से एक बार फिर गर्व की खबर सामने आई है। होनहार छात्रा निदा खान ने बीयूएमएस में पूरे राज्य में प्रथम स्थान हासिल कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। जोधपुर में आयोजित दीक्षांत समारोह में उन्हें राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने अपने हाथों से सम्मानित किया।

खास बात यह है कि यह उपलब्धि उनके परिवार के लिए दूसरी बार आई है—उनकी बड़ी बहन डॉ. हया खान भी पहले इसी परीक्षा में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं।

यह दोनों बहनें उस विरासत से जुड़ी हैं, जहां उनके दादा स्वर्गीय हकीम अब्दुल हमीद साहब ने यूनानी चिकित्सा के माध्यम से समाज की सेवा कर एक मिसाल कायम की थी। आज वही सेवा, मेहनत और इल्म की परंपरा उनकी पोतियां आगे बढ़ा रही हैं।

उनके पिता अब्दुल रशीद ने गर्व के साथ कहा कि उनकी बेटियों ने न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरे मुस्लिम समाज और देश का नाम रोशन किया है।

यह सफलता सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा है—खासकर मुस्लिम बेटियों के लिए, जो शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू रही हैं।

हजरत मोहम्मद साहब का पैग़ाम है की  “इल्म हासिल करना हर मुसलमान (मर्द और औरत) पर फर्ज़ है।”

आइए, हम सब अपनी बेटियों को पढ़ाएं, आगे बढ़ाएं और उन्हें अपने सपनों को साकार करने का पूरा मौका दें।

 

Comments are closed.