सीकर में 8 फरवरी को अस्थि-घनत्व की निःशुल्क जांच,

शिविर के माध्यम से ऑस्टियोपोरोसिस की चुपके से बढ़ती समस्या से निपटने का अवसर

सीकर में 8 फरवरी को अस्थि-घनत्व की निःशुल्क जांच,
शिविर के माध्यम से ऑस्टियोपोरोसिस की चुपके से बढ़ती समस्या से निपटने का अवसर

सीकर।

‘साइलेंट डिजीज’ यानी चुपके से शरीर को खोखला कर देने वाली बीमारी ऑस्टियोपोरोसिस की पहचान और रोकथाम के लिए जिले में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। लॉयन्स क्लब ऑफ सीकर द्वारा आगामी रविवार, 8 फरवरी 2026 को एक निःशुल्क बोन मिनरल डेंसिटी (BMD) जांच शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक लॉ. डॉ. यूसुफ अली देवड़ा के परामर्श कक्ष (जिला कलेक्टर निवास के सामने वाली गली, सीकर) में लगेगा।
डॉ. यूसुफ अली देवड़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि
ऑस्टियोपोरोसिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें हड्डियां कमजोर और भुरभुरी हो जाती हैं, जिससे मामूली चोट या गिरने से भी फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। यह अक्सर वर्षों तक कोई स्पष्ट लक्षण दिखाए बिना विकसित होता है और कई बार पहला संकेत कूल्हे, रीढ़ या कलाई में फ्रैक्चर के रूप में सामने आता है। रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर से लंबाई कम होना, पीठ दर्द और झुकी हुई मुद्रा जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। यह बीमारी 50 वर्ष से अधिक उम्र की आधी महिलाओं और पांच में से एक पुरुष को प्रभावित करती है।

लॉयन्स क्लब के अध्यक्ष अंशु सक्सेना, सचिव सरोज साई और कोषाध्यक्ष मनोज गोरा ने बताया कि इस शिविर का प्रमुख उद्देश्य समुदाय में हड्डियों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना और इस गंभीर बीमारी की समय पर पहचान करना है। शिविर के प्रोजेक्ट चेयरपर्सन शहीन बान ने कहा, “बोन डेंसिटी टेस्ट ऑस्टियोपोरोसिस का पता लगाने का एकमात्र सटीक तरीका है। नियमित जांच और सही उपचार से फ्रैक्चर के खतरे को 70% तक कम किया जा सकता है। हमारा लक्ष्य लोगों को इस चुपके से हमला करने वाली बीमारी के प्रति सजग करना है।”

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