स्वतंत्रता सेनानी चौधरी रुड़ाराम मील ‘पटेल’ की पुण्यतिथि पर पालड़ी गांव में आयोजित हुआ किसान सम्मेलन,

किसानों के हकों और पूर्वजों के सम्मान की गूंज, सरकार पर साधा निशाना और पूछे सवाल

स्वतंत्रता सेनानी चौधरी रुड़ाराम मील ‘पटेल’ की पुण्यतिथि पर पालड़ी गांव में आयोजित हुआ किसान सम्मेलन,

किसानों के हकों और पूर्वजों के सम्मान की गूंज, सरकार पर साधा निशाना और पूछे सवाल

जमीन मुआवजे और खेती को संकट से बचाने की उठी मांग

सीकर

लक्ष्मणगढ़ तहसील के पालड़ी गांव स्थित मील कृषि फार्म में स्वतंत्रता सेनानी चौधरी रूड़ाराम मील ‘पटेल’ की पुण्यतिथि पर आयोजित किसान सम्मेलन में किसानों के हक-अधिकारों, जमीन व फसलों के मुआवजे और आजीविका के मुद्दे केंद्र में रहे | कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतनिधियों व किसानों ने स्वतंत्रता सेनानी पटेेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी | किसान सम्मेलन में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने सरकार को घेरते हुए किसानों के मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई और समस्याओं के ठोस समाधान करने की मांग की |

मुख्य वक्ता राजस्थान कांग्रेस कमेटी के प्रदेशाध्यक्ष एवं लक्ष्मणगढ़ विधायक गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि गांव व समाज में आपसी जुड़ाव और विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है | उन्होंने चौधरी रूड़ाराम पटेल सहित पूर्वजों के संघर्ष और त्याग को याद करते हुए नई पीढ़ी को उनसे प्रेरणा लेने का आह्वान किया | डोटासरा ने कहा कि आधुनिक तकनीक के बावजूद किसान आज भी मौसम पर निर्भर है, जिससे प्राकृतिक आपदाओं के समय उसकी मेहनत चौपट हो जाती है और सही समय पर मुआवजा व सहायता नहीं मिलने से किसान व उसके परिवार की स्थिति और कमजोर हो जाती है | उन्होंने शिक्षा को ग्रामीण और गरीब परिवारों के विकास का सबसे बड़ा माध्यम बताया।

उन्होंने कहा कि किसान, नौजवान, दलित और पिछड़े वर्ग की आवाज को मजबूती से उठाना ही राजनीति का मूल उद्देश्य होना चाहिए | पार्टी नेतृत्व, विशेष रूप से राहुल गांधी, द्वारा मिले अवसर को जनता की सेवा का माध्यम बताते हुए उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास ही सबसे बड़ी जिम्मेदारी है |
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खेती पर संकट, जमीन पर नजर
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किसान सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए सांसद अमराराम ने कहा कि देश की बड़ी आबादी आज भी खेती पर निर्भर है, लेकिन बड़ी कंपनियों की नजर किसानों की जमीन पर बनी हुई है, जिससे कृषि व्यवस्था पर खतरा मंडरा रहा है | उन्होंने बाजरे के न्यूनतम समर्थन मूल्य 2775 रुपये का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल रहा |

युवा किसान नेता विजेंद्र सिंह काजला ने नवलगढ़ बेरी भजनगढ़ से गोठङा सीमेंट प्लांट तक प्रस्तावित रेल लाईन से किसानो की बेशकीमती जमीन बचाने की हुंकार भरते हुए इस आंदोलन मे सभी से सहयोग मांगा |

उन्होंने नवलगढ़ के गोठड़ा प्लांट तक प्रस्तावित रेलवे लाइन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे हजारों किसानों की जमीन प्रभावित हो रही है, लेकिन उन्हें अब तक उचित मुआवजा नहीं मिला। करीब 10 हजार किसानों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने सरकार से न्यायसंगत मुआवजा, बेदखली पर रोक और निष्पक्ष जांच की मांग की, साथ ही चेतावनी दी कि न्याय नहीं मिलने पर आंदोलन तेज किया जाएगा |

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राजनीति सेवा का माध्यम
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फुलेरा विधायक विद्याधर चौधरी ने कहा कि राजनीति पद के लिए नहीं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम होनी चाहिए। मंडावा विधायक रीटा चौधरी ने कहा कि किसानों के संघर्षों से ही समाज को अधिकार मिले हैं और भाईचारे को मजबूत करना जरूरी है, ताकि किसान संगठित होकर अपनी आवाज बुलंद कर सकें।

किसान सम्मेलन को दांतारामगढ़ विधायक वीरेंद्र चौधरी, जिला कांग्रेस कमेटी सीकर अध्यक्ष सुनीता गठाला, लक्ष्मणगढ़ प्रधान मदनलाल सेवदा, एनआरआई डॉ. बी.एल. मील, युवा विश्व जाट महासभा राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष हरिराम मील आदि ने सम्बोधित किया |
सम्मेलन में पूर्व प्रधान भंवरलाल वर्मा, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष पी.एस. जाट, पूर्व डीएफओ हरलाल सिंह मील, राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश महासचिव राजपाल चौधरी, कूूदन की पूर्व सरपंच सुमित्रा काजला, ग्रामीण महिला शिक्षण संस्थान सीकर अध्यक्ष झाबरमल, बैंक मैनेजर रामनिवास सुंडा, कोलीड़ा के सरपंच शिवपाल मील अंसहित अनेक लोग उपस्थित थे |

कार्यक्रम के संयोजक हरलाल सिंह मील एवं सूरजी देवी ने आभार जताया, मंच संचालन पूर्व शिक्षाविद सुल्तान सिंह सुंडा ने किया |

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