एक जिला एक उत्पाद नीति में दो महत्वपूर्ण बदलाव, अब (हस्तशिल्प फर्नीचर) उत्पाद उद्यमों को विस्तार पर भी मिलेगा 20 लाख रुपये तक का मार्जिन मनी अनुदान
निजी संस्थानों के माध्यम से भी कर सकेंगे तकनीकी अपग्रेडेशन, सीकर जिले में हस्तशिल्प फर्नीचर की लगभग 70-80 इकाइयो को मिलेगा फायदा
सीकर
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुसार प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए एक जिला एक उत्पाद नीति (ओडीओपी)-2024 में दो महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। अब सीकर जिले के हस्तशिल्प फर्नीचर उत्पाद से जुड़े उद्यमों को विस्तार पर भी मार्जिन मनी अनुदान दिया जाएगा। साथ ही, निजी संस्थानों के माध्यम से तकनीकी अपग्रेडेशन कर सकेंगे। इसके लिए उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है।
उद्योग एवं वाणिज्य महाप्रबंधक सीकर विकास सिहाग ने बताया कि राज्य बजट 2026-27 में ओडीओपी इकाइयों को विस्तार के लिए भी मार्जिन मनी देने की घोषणा की गई थी। अब इस संशोधन से विस्तार करने वाली सूक्ष्म एवं लघु इकाइयों को 20 लाख रुपये तक का मार्जिन मनी अनुदान मिल सकेगा। इसके लिए 15 करोड़ रुपये के अतिरिक्त बजट का भी प्रावधान किया गया है। पूर्व में केवल नई इकाइयों को ही यह लाभ मिलता था।
महाप्रबंधक सिहाग ने बताया कि ओडीओपी नीति के तहत अब निजी संस्थानों के माध्यम से भी तकनीकी अपग्रेडेशन कर सकेंगे तथा इसके लिए 5 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। पूर्व में यह लाभ केवल राजकीय संस्थानों के माध्यम से तकनीक अपग्रेडेशन करने पर ही दिया जाता था। इस बदलाव से ओडीओपी इकाइयां नवीनतम तकनीक और मशीनें आसानी से ले सकेंगी, जिससे कम ऊर्जा खपत के साथ गुणवत्तापूर्ण उत्पादन हो सकेगा।
उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा ओडीओपी नीति के माध्यम से अधिक से अधिक इकाइयों को लाभान्वित कर उत्पादों को मजबूती देने का कार्य किया जा रहा है, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हों। राज्य के चयनित ओडीओपी उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने में सहायता दी जा रही है।
मेलों में भाग लेने पर 2 लाख रुपये तक की सहायता
राज्य के विशिष्ट उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए लागू की गई एक जिला एक उत्पाद नीति-2024 के तहत सभी 41 जिलों में एक-एक उत्पाद की पहचान की गई है। इसके तहत सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को 20 लाख रुपये तक की मार्जिन मनी अनुदान दिया जाता है। साथ ही, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर पर 5 लाख रुपये तक अनुदान, क्वालिटी सर्टिफिकेशन और आईपीआर पर 3 लाख रुपये तक पुनर्भरण राज्य सरकार द्वारा देय है। विपणन आयोजनों में भाग लेने के लिए 2 लाख रुपये तक सहायता, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फीस पर 1 लाख रुपये प्रतिवर्ष का 2 साल तक पुनर्भरण और कैटलॉगिंग और ई-कॉमर्स वेबसाइट विकास के लिए 75 हजार रुपये तक एकमुश्त सहायता का प्रावधान है।
महाप्रबंधक सिहाग ने बताया कि सीकर जिले में हस्तशिल्प फर्नीचर की लगभग 70-80 इकाइयाँ स्थापित हैं। इनका प्रमुख केंद्र रामगढ़ शेखावाटी है। अतः ‘एक जिला, एक उत्पाद’ योजना के अंतर्गत हस्तशिल्प फर्नीचर को बढ़ावा देने के लिए स्थापित इकाइयों को भी पॉलिसी में संशोधन के पश्चात अपना उद्यम विस्तार करने हेतु 15 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। इससे जिले में पूर्व से स्थापित इकाइयों को वित्तीय सहायता प्राप्त होगी।
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