आधी रात को “रक्तसेतु-जीवनसेतु” ने बचाई जिंदगी, रक्तवीरों ने पेश की मानवता की मिसाल

आधी रात को “रक्तसेतु-जीवनसेतु” ने बचाई जिंदगी, रक्तवीरों ने पेश की मानवता की मिसाल

सीकर।
“नर सेवा ही नारायण सेवा है” — इस कहावत को एक बार फिर सच कर दिखाया है टीम रक्तसेतु-जीवनसेतु (संचालन: एक शाम शहीदों के नाम परिवार, भारत NGO) के समर्पित रक्तवीरों ने।

मिली जानकारी के अनुसार, बीती रात करीब 2 बजे अस्पताल में भर्ती इमरजेंसी मरीज तस्लीम बानो की हालत गंभीर होने पर तत्काल ब्लड की आवश्यकता पड़ी। जैसे ही सूचना टीम तक पहुंची, संस्था के कर्मठ रक्तवीर ऋषभ शर्मा बिना देर किए अस्पताल पहुंचे और अपना 10वीं बार स्वैच्छिक रक्तदान कर मानवता का परिचय दिया।

मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए संस्था के जागरूक साथी पवन घोड़ेला, प्रदीप रुलानिया, रामस्वरूप सैनी, लोकेश सैनी और माजिद भी तुरंत अस्पताल पहुंचे तथा पूरी व्यवस्था में सहयोग किया। सभी साथियों ने अपने सेवाभाव और तत्परता से यह साबित कर दिया कि इंसानियत से बढ़कर कोई धर्म नहीं होता।

इस सराहनीय कार्य के लिए बिसायती यूथ ब्रिगेड, सीकर एवं शाहरुख़ बिसायती ने टीम रक्तसेतु-जीवनसेतु, रक्तवीर ऋषभ शर्मा और उपस्थित सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए उनके जज्बे को सलाम किया।

समाजसेवा और मानवता की यह मिसाल क्षेत्र में प्रेरणा का विषय बनी हुई है।

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