धौलपुर पुलिस मालखाने में जब्त ट्रैक्टर से दिखा दिया दूसरा एक्सीडेंट, बीमा कंपनी को ठगने वाले 3 गिरफ्तार।

धौलपुर पुलिस मालखाने में जब्त ट्रैक्टर से दिखा दिया दूसरा एक्सीडेंट! बीमा कंपनी को ठगने वाले 3 गिरफ्तार।

धौलपुर पुलिस मालखाने में जब्त ट्रैक्टर से दिखा दिया दूसरा एक्सीडेंट! बीमा कंपनी को ठगने वाले 3 गिरफ्तार।

धौलपुर

राजस्थान में बीमा क्लेम हड़पने के लिए रचे गए एक ऐसे हैरतअंगेज षड्यंत्र का पर्दाफाश हुआ है, जिसने पुलिस और न्याय व्यवस्था दोनों को चौंका दिया है। कोतवाली पुलिस ने रविवार को एक शातिर गिरोह के तीन सदस्यों—भोलाराम, वाहन मालिक चंद्रप्रकाश जाट और चालक दिलीप—को गिरफ्तार किया है। इन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज है।
हवा में दौड़ा ‘भूतिया’ ट्रैक्टर: मामले का खुलासा तब हुआ जब श्रीराम जनरल इंश्योरेंस की तकनीकी जांच में सामने आया कि ट्रैक्टर संख्या RJ 11 RB 2557 सदर थाने की FIR 111/25 में 14 से 24 अप्रैल 2025 तक पुलिस मालखाने में बंद था। इस पर श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कंपनी की तरफ से कोतवाली पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया गया था जिसमें आश्चर्यजनक रूप से, इसी दौरान 22 अप्रैल को आरोपियों ने कोतवाली इलाके में इसी ट्रैक्टर से एक और एक्सीडेंट होना दिखाकर बीमा कंपनी से क्लेम लेने की फाइल तैयार कर ली। यानी जो वाहन सरकारी पहरे में खड़ा था, उसे कागजों में ‘क्राइम मशीन’ बना दिया गया।
SIT की रडार पर सदर थाने वाली FIR:
इस गिरफ्तारी के साथ ही सदर थाना की FIR 111/25 पर भी SIT का शिकंजा कस गया है। कंपनी ने हाईकोर्ट के आदेशों से पुलिस मुख्यालय अपराध शाखा की मार्फत आईजी भरतपुर को प्रेषित रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य प्रेषित किए गए हैं। सदर भरतपुर की इस घटना के दिन(30 मार्च 2025 को) पुलिस कंट्रोल रूम धौलपुर के अनुसार, असली दुर्घटना करने वाला ट्रैक्टर रीको एरिया में बिजली के पोल से टकराकर फंस गया था और उसका चालक भी घायल हुआ था। क्योंकि असली ट्रैक्टर का बीमा नहीं था जिसके स्थान पर आरोपियों ने असली ट्रैक्टर को छिपाकर इस बीमित ट्रैक्टर को ‘इम्प्लांट’ किया। इस मामले में कंपनी की इन्वेस्टिगेटशन टीम ने इतनी जल्दी झूठी एफआईआर लिखकर पुलिस थाना सदर धौलपुर में देने वाले असली एफआईआर लेखक का नाम तक पता कर लिया है तथा यह भी पता लगा लिया है कि बिजली के किस खंभे से वह ट्रैक्टर टकराया था और ट्रैक्टर तथा खंभे में कितनी क्षति हुई थी चालक को कैसी और क्या चोटें लगी थी, यह सब जल्दी ही रिइन्वेस्टिगेशन के दौरान पुलिस के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। बीमा धोखाधड़ी मामलों में अक्सर धोखाधड़ी करते हुए इस प्रकार पकड़े जाने पर आरोपी कोर्ट से केस वापस लेकर बचना चाहते हैं, लेकिन कंपनी ने ऐसे तत्वों को जेल भिजवाने के लिए सख्त स्टैंड लिया है ताकि समाज में संदेश जाए कि वास्तविक पीड़ितों का हक मारने वालों की जगह सलाखों के पीछे है। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।

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