संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भींमराव अंबेडकर की जयंती भाजपा कार्यालय में मनाई
डॉ. अंबेडकर ने संविधान के द्वारा दिए नागरिकों को अधिकार – डॉ. ज्योति मिर्धा
सीकर
भारत के संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भींमराव अंबेडकर की जयंती भाजपा कार्यालय में मंगलवार को मनाई गई। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष व पूर्व सांसद डॉ. ज्योति मिर्धा मुख्य वक्ता रही और अध्यक्षता जिलाध्यक्ष मनोज बाटड़ ने की। पूर्व सांसद स्वामी सुमेधानंद सरस्वती, पूर्व विधायक रतनलाल जलधारी, प्रदेश प्रवक्ता इंद्रा चौधरी व महिपाल महला आदि मंचस्थ रहे। अतिथियों सहित पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भींमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनको याद किया।
प्रदेश उपाध्यक्ष व पूर्व सांसद डॉ. ज्योति मिर्धा ने कहा कि डॉ. भींमराव अंबेडकर एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक संस्था थे। उन्होंने भारत के नागरिकों को संविधान के माध्यम से उनको अधिकार दिलवाने की भूमिका निभाई। वे सभी से शिक्षित होने के लिए कहते थे, क्योंकि उनको पता था कि शिक्षा का कितना महत्व होता है। वह वर्ग के नेता नहीं थे वह सभी वर्गों के सर्वमान्य नेता थे। कहा कि उनको सच्ची श्रद्धांजलि तभी सार्थक होगी जब उनकी बताई बातों पर हम खरें उतरेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉ. अंबेडकर के पंच तीर्थ को तैयार करवाकर सम्मान देने का काम किया है। कहा कि उस समय की सरकार ने उनका किसी भी तरह से सहयोग नहीं किया था।
पूर्व सांसद स्वामी सुमेधानंद सरस्वती ने कहा कि डॉ. अंबेडकर के जीवन से हर कोई सीख सकता है। कहा कि उन्होंने इस बात के लिए सभी को प्रेरित किया कि शिक्षा व्यक्ति को कहां से कहां पहुंचा सकती है।
जिलाध्यक्ष मनोज बाटड़ ने कहा कि भारत रत्न डॉ. भींमराव अंबेडकर के जीवन से प्रेरणा लेकर उनके जीवन चरित्र को जानना चाहिए। कहा कि निधन पर 193 देशों के झंडे आधे झूक गये थे, लेकिन उस समय की भारत सरकार ने उनको जगह तक नहीं उपलब्ध नहीं करवाई। कार्यक्रम को पूर्र्व विधायक रतनलाल जलधारी, प्रदेश प्रवक्ता इंद्रा चौधरी व महिपाल महला ने भी संबोधित करते हुए डॉ. अंबेडकर द्वारा शिक्षा के लिए प्रेरणास्पद बातें ग्रहण करने के लिए कहा।
जिला मीडिया संयोजक जितेंद्र माथुर ने बताया कि इस दौरान राजेश रोलन, रामवतार रूंथला, नेमीचंद कुमावत, रमेश जलधारी, जितेंद्र सिंह कारंगा, प्रभुसिंह सेवद, डॉ. अर्चना पुरोहित, सुमन वर्मा, सुमित्रा सैनी, करण सिंह, निश्चय जीनगर, रामचंद्र बगडिय़ा, वरुण कुशलेश शर्मा, गौतम चनेजा, इंद्र शर्मा, विजयपाल चिरानियां, तेजप्रकाश सैनी, बलदेव सिंह खंडेला, शारदा काबरा, अनुराधा आदि मौजूद रहे।