प्रभावी मॉनिटरिंग से ही स्वच्छ भारत मिशन के कार्यो में गुणवत्ता लाई जा सकती है , जिला कलेक्टर

स्वच्छता कार्यों में व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने की है आवश्यकता ,ब्राण्ड एम्बेसडर के.के गुप्ता

सीकर

स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) राजस्थान के ब्राण्ड एम्बेसडर के.के. गुप्ता की अध्यक्षता में जिले के समस्त नगरीय निकायों के साथ कार्यशाला मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार, सीकर में आयोजित की गई। बैठक में स्वच्छता कार्यों की प्रगति, मॉनिटरिंग एवं प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

कार्यशाला में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) राजस्थान के ब्राण्ड एम्बेसडर के.के. गुप्ता ने बताया कि हमारा विजन बहुत ही स्पष्ट है कि जिन शहरों में पहले स्वच्छता के बारे में सोचा भी नहीं जाता था, उन्हें भी स्वच्छ बनाया गया है। उन्होंने कहा की आदिवासी क्षेत्रों में भी स्वच्छता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं, जो आज देश और दुनिया में पहचान बना चुके हैं। इसी उद्देश्य से निकायों के अधिकारियों के समक्ष छोटे-छोटे लेकिन महत्वपूर्ण बिंदु डोर—टू—डोर कचरा संग्रहण, सार्वजनिक शौचालयों की साफ—सफाई, प्लास्टिक मुक्त सीकर, व्यवसायिक क्षेत्रों में रात्रिकालीन साफ—सफाई, नीजी खाली प्लाट की साफ—सफाई, शहर के बाग बगीचों की साफ—सफाई के नगर पालिका के अधीशाषी अधिकारियों के सामने रखे गए हैं, ताकि स्वच्छता कार्यों को प्रभावी रूप से धरातल पर उतारा जा सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सीकर जिले में भी निश्चित रूप से इन बिन्दुओं पर प्रभावी क्रियान्वयन किया जायेगा तो स्वच्छ भारत मिशन शहरी के कार्यो में सकारात्मक बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि जहां डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण प्रभावी रूप से हो रहा है, वहां कहीं भी कचरा दिखाई नहीं देता। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के स्पष्ट निर्देश हैं कि राज्य के सभी धार्मिक एवं पर्यटन स्थल पूर्णतः स्वच्छ होने चाहिए।

के.के. गुप्ता ने कार्यशाला में समस्त नगर निकाय के अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छता कार्यों में व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता हमारा मूल कार्य है तथा इसके लिए पर्याप्त संसाधन एवं कर्मचारी भी उपलब्ध हैं। उन्होंने वर्ष 2015 से स्वच्छता अभियान से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने नगर निकाय के अधिकारियों से कहा कि वे स्वच्छ भारत मिशन की सभी योजनाओं को पूरी ईमानदारी, कर्तव्य निष्ठा के साथ धरातल पर उतारना सुनिश्चित करें।

उन्होंने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को स्वच्छता का आधार बताते हुए कहा कि वर्ष के 365 दिन कचरा संग्रहण किया जाए तथा प्रतिदिन सुबह 10 बजे से पूर्व प्रत्येक घर से शत-प्रतिशत कचरा उठाया जाए। कचरा संग्रहण वाहन जीपीएस प्रणाली से संचालित हों तथा गीला एवं सूखा कचरा अलग-अलग एकत्रित किया जाए। उन्होंने आईईसी गतिविधियों के माध्यम से जन-जागरूकता बढ़ाने, 10-10 महिलाओं के समूहों की बैठकें आयोजित करने तथा समयबद्ध कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि प्रत्येक 400 घरों पर एक ऑटो टीपर की व्यवस्था की जानी चाहिए।

के.के. गुप्ता ने सार्वजनिक शौचालयों के संबंध में निर्देश दिए कि इन्हें कांच की तरह स्वच्छ रखा जाए तथा दिन में कम से कम तीन बार साफ—सफाई सुनिश्चित की जाए। शौचालयों की जियो-टैगिंग कर उनकी फोटो समूह में साझा की जाए, जिससे प्रभावी मॉनिटरिंग हो सके। साथ ही शमशान घाटों में भी नियमित साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

प्लास्टिक मुक्त सीकर की परिकल्पना पर जोर देते हुए गुप्ता ने कहा कि सड़कों पर प्लास्टिक बिल्कुल दिखाई नहीं देना चाहिए, क्योंकि यह न केवल गंदगी फैलाता है, बल्कि पशुओं के लिए भी घातक है। उन्होंने गीले एवं सूखे कचरे के पृथक्करण को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए।

उन्होंने जन-जागरूकता के लिए 25 हजार की आबादी पर 4 तथा एक लाख की आबादी पर 8 होर्डिंग लगाने के निर्देश दिए। साथ ही सभी अधिशाषी अधिकारियों (ईओ) को अपने-अपने स्तर पर समूह बनाकर नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा। उन्होंने बताया कि स्वच्छता कार्यों की निगरानी डीएलबी द्वारा की जाएगी। गुप्ता ने सभी अधिकारियों से आह्वान किया कि वे पूरी ईमानदारी एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करें, ताकि राजस्थान स्वच्छ भारत मिशन में अग्रणी स्थान प्राप्त कर सके।

जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने बताया कि टीम को स्वच्छता कार्यों में निरंतर सुधार के लिए प्रेरित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रभावी मॉनिटरिंग से ही कार्यों में गुणवत्ता लाई जा सकती है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिले की समस्त टीम द्वारा गुप्ता द्वारा दिए गए निर्देशों की पालना करते हुए स्वच्छता कार्यों को बेहतर बनाएगी, जिससे सीकर जिला राज्य में एक उदाहरण बन सके।

कार्यशाला में नगर परिषद आयुक्त सीकर शशीकांत शर्मा, फतेहपुर अभिलाषा सहित समस्त नगर पालिाकाओं के अधीशाषी अधिकारी, तकनिकी अधिकारी, मुख्य सफाई निरीक्षक, डोर—टू डोर कचरा संग्रहण के ठेकेदार, कनिष्ठ अभियन्ता, सहायक अभियन्ता, स्वच्छत भारत मिशन से जुडे हुए कार्मिक, रूडीप प्रोजेक्ट, जेजेएम योजना से जुडे अधिकारी, कार्मिक उपस्थित रहें

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