शिक्षकों का फूटा आक्रोश, सड़कों पर उतरा महासंघ, उपखंड मुख्यालयों पर गरजे हजारों शिक्षक, सरकार को चेतावनी— “अब होगा आर-पार का संघर्ष”

शिक्षकों का फूटा आक्रोश, सड़कों पर उतरा महासंघ, उपखंड मुख्यालयों पर गरजे हजारों शिक्षक, सरकार को चेतावनी— “अब होगा आर-पार का संघर्ष”

सीकर

अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (विद्यालय शिक्षा), राजस्थान — सीकर के नेतृत्व में गुरुवार को जिलेभर के समस्त उपखंड मुख्यालय शिक्षकों के आक्रोश से गूंज उठे। हजारों शिक्षक सड़कों पर उतर आए और सरकार व शिक्षा विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए विशाल रैलियां निकालीं। हाथों में तख्तियां और नारों से गूंजते मार्गों के बीच शिक्षकों ने उपखंड कार्यालयों का घेराव कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा तथा स्पष्ट चेतावनी दी कि अब उपेक्षा और अन्याय किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
महासंघ के प्रदेश सभा अध्यक्ष संपत सिंह ने आंदोलन का नेतृत्व करते हुए कहा कि सरकार और शिक्षा विभाग की हठधर्मिता ने शिक्षकों को आंदोलन के लिए मजबूर कर दिया है। वर्षों से लंबित मांगों पर सरकार केवल आश्वासन देती रही, लेकिन धरातल पर कोई समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि शिक्षक अब चुप बैठने वाले नहीं हैं और यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में उग्र आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने अवकाश कटौती में दोहरे मापदंड, पदोन्नति एवं पदस्थापन में भारी अनियमितताओं, तृतीय श्रेणी शिक्षकों के वर्षों से लंबित तबादलों, वेतन विसंगतियों तथा शिक्षा विभाग की तानाशाही कार्यशैली के खिलाफ जमकर हुंकार भरी। कई स्थानों पर शिक्षकों ने सरकार विरोधी नारे लगाते हुए शिक्षा व्यवस्था को बदहाल करने का आरोप लगाया।
महासंघ के जिलाध्यक्ष कल्याण सिंह एवं जिला महिला मंत्री नीतू शर्मा ने कहा कि यह आंदोलन केवल शिक्षकों का नहीं, बल्कि शिक्षा बचाने का अभियान है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और अधिक उग्र, व्यापक और निर्णायक बनाया जाएगा। जिलेभर में उमड़ी शिक्षकों की भीड़ ने स्पष्ट कर दिया कि अब शिक्षक वर्ग अपने सम्मान और अधिकारों की लड़ाई निर्णायक मोड़ तक पहुंचाकर ही दम लेगा।

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