सीकर में कोचिंग संस्थानों के विद्यार्थियों का मूवमेंट रजिस्टर रखना होगा : जिला कलेक्टर
प्रत्येक हॉस्टल और पीजी का पंजीयन करवाना होगा जरूरी
सीकर में कोचिंग संस्थानों के विद्यार्थियों का मूवमेंट रजिस्टर रखना होगा : जिला कलेक्टर
प्रत्येक हॉस्टल और पीजी का पंजीयन करवाना होगा जरूरी
नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) एवं जिला स्तरीय कोचिंग संस्थान निगरानी समिति की बैठक आयोजित
सीकर
जिला कलेक्टर आशीष मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) की जिला स्तरीय समिति की मासिक बैठक एवं जिला स्तरीय कोचिंग संस्थान निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में नशा मुक्ति अभियान, ड्रग्स नियंत्रण तथा कोचिंग संस्थानों एवं हॉस्टलों में अनुशासन एवं सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने निर्देश दिए कि जिले के सभी कोचिंग संस्थानों एवं हॉस्टलों में “तंबाकू मुक्त क्षेत्र” के साइन बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। साथ ही नवलगढ़ रोड एवं पिपराली रोड को “नो-टोबैको जोन” घोषित कर सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित की जाये। उन्होंने पुलिस विभाग को कोचिंग संस्थानों एवं हॉस्टलों के आसपास नियमित एवं रेंडम जांच करने के निर्देश दिए।
बैठक में नशा मुक्ति के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने, इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी के सहयोग से कार्यक्रम आयोजित करने तथा गेटकीपर प्रशिक्षण एवं साइनेज बोर्ड के माध्यम से नशा मुक्ति का प्रचार-प्रसार बढ़ाने पर जोर दिया गया।
जिला कलेक्टर मोदी ने निर्देश दिए कि जिले के सभी हॉस्टलों का पंजीयन सुनिश्चित किया जाए तथा हॉस्टलों में मूवमेंट रजिस्टर अनिवार्य रूप से रखा जाए। विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 एवं अन्य आपातकालीन नंबरों का डिस्पले सार्वजनिक स्थानों, कोचिंग संस्थानों में अनिवार्य रूप से किया जाए।
उन्होंने सभी कोचिंग संस्थानों में काउंसलर नियुक्त करने, नियमित काउंसलिंग सत्र आयोजित करने तथा विद्यार्थियों के लिए योग, मेडिटेशन एवं तनाव मुक्ति कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए। साथ ही सप्ताह में एक दिन मेडिटेशन एवं स्ट्रेस मैनेजमेंट कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएं।
जिला कलेक्टर मोदी ने कहा कि जिले में “ऑपरेशन संकल्प” के तहत नशा मुक्ति अभियान को जन-आंदोलन का रूप दिया जाएगा तथा सभी विभागों के समन्वय से “ड्रग-फ्री कैंपस” का लक्ष्य प्राप्त किया जाएगा।
बैठक में पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नुनावत ने बताया कि नशे की लत से प्रभावित विद्यार्थियों पर विशेष फोकस किया जाएगा तथा प्रत्येक कोचिंग संस्थान में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो पुलिस एवं प्रशासन के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखेगा।
बैठक में विभिन्न कोचिंग संस्थानों के प्रतिनिधियों, हॉस्टल संचालकों, विभागीय अधिकारियों ने सीकर को नो-टोबैको फ्री करवाने के संबंध में अपने—अपने सुझाव दिये।
नगर परिषद आयुक्त शशिकांत शर्मा ने तंबाकू विक्रेताओं के लिए लाइसेंस प्रणाली लागू करने एवं एक समर्पित टीम गठित करने का सुझाव दिया।
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर रतन कुमार, शहर भावना शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तेजपाल सिंह, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजपाल यादव, यूआईटी सचिव जे.पी. गौड़, सीएमचओ डॉ.अशोक चौधरी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की उपनिदेशक प्रियंका पारीक, एक्सईएन रामकुमार चाहिल, सहायक निदेशक प्रशासनिक सुधार इंदिरा शर्मा, गार्गी शर्मा सहायक निदेशक बाल संरक्षण इकाई सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कोचिंग संस्थानों के प्रतिनिधि, हॉस्टल संचालक एवं सामाजिक संगठनों के सदस्य उपस्थित रहे।
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