गरिमापूर्ण जीवन और त्वरित सुनवाई का अधिकार जेल में बंद कैदियों को भी प्राप्त : रूपा गुप्ता

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीकर द्वारा जिला कारागृह का निरीक्षण, बंदियों को दी गई विधिक सहायता की जानकारी

गरिमापूर्ण जीवन और त्वरित सुनवाई का अधिकार जेल में बंद कैदियों को भी प्राप्त : रूपा गुप्ता

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीकर द्वारा जिला कारागृह का निरीक्षण, बंदियों को दी गई विधिक सहायता की जानकारी

सीकर
माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार गुरुवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सीकर की अध्यक्ष एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश रूपा गुप्ता तथा सचिव शालिनी गोयल द्वारा जिला कारागृह, सीकर का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष रूपा गुप्ता ने कहा कि “गरिमापूर्ण जीवन और त्वरित सुनवाई का अधिकार जेल में बंद प्रत्येक कैदी को भी संविधान द्वारा प्राप्त है।” उन्होंने बंदियों के मामलों में अनावश्यक देरी नहीं होने देने तथा शीघ्र न्याय सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए।

निरीक्षण के दौरान कारागृह में बंद कैदियों को निःशुल्क विधिक सहायता, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बयान दर्ज कराने तथा दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 436ए के तहत जमानत लाभ संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। विशेष रूप से ऐसे बंदियों के मामलों पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए जिनकी जमानत स्वीकृत हो चुकी है, लेकिन जमानती के अभाव में वे अब भी जेल में निरुद्ध हैं।

अध्यक्ष एवं सचिव द्वारा जेल परिसर की साफ-सफाई, भोजन व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाओं तथा अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। रसोईघर का भी जायजा लिया गया तथा बंदियों से भोजन की गुणवत्ता एवं उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली गई।

निरीक्षण के समय कारापाल सुषमा सैन, हेमंत कुमार मीणा, कनिष्ठ सहायक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,  नरेश कुमार मीणा, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल बृजेन्द्र सिंह रूलानियां सहित कारागृह स्टाफ उपस्थित रहा।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किए गए इस निरीक्षण को बंदियों के अधिकारों की सुरक्षा एवं न्याय तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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