टीबी मुक्त भारत अभियान के अन्तर्गत जिले मे हुआ औचक निरीक्षण, जिला स्तरिय समिक्षा बैठक का हुआ आयोजन, इन्डीकेर्स पर हुई बिन्दुवार चर्चा

टीबी मुक्त भारत अभियान के अन्तर्गत जिले मे हुआ औचक निरीक्षण, जिला स्तरिय समिक्षा बैठक का हुआ आयोजन, इन्डीकेर्स पर हुई बिन्दुवार चर्चा

राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अन्तर्गत जिले में चल रहे 100 दिवशीय टीबी मुक्त भारत अभियान के अन्तर्गत राज्य स्तर से डाॅ एस.एन. धोलपुरिया, राज्य नोडल अधिकारी, टीबी मुक्त भारत अभियान एवं डाॅ. शिखा गुप्ता, डब्ल्यूएचओं कन्सलटेन्ट, राजस्थान के द्वारा जिले में औचक निरिक्षण कर टीबी मुक्त भारत अभियान के अन्तर्गत जिले में चल रही गतिविधियों का जायजा लिया।
डाॅ. एस.एन. धोलपुरिया की अध्यक्षता में जिले में चल रहे 100 दिवशीय टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें जिला क्षय रोग अधिकारी डाॅ. रतन लाल जाट ने जिले में हो रही गतिविधियों का विस्तृत विवरण डाॅ. एस.एन.धोलपुरिया के समक्ष प्रस्तुत किया। जिसमें डाॅ. धोलपुरिया ने बताया की किस प्रकार हम जिले में अभियान की गतिविधियों को सुचारूरूप से चला सकते है। डब्ल्यूएचओं कन्सलटेन्ट, राजस्थान डाॅ. शिखा गुप्ता ने अभियान समस्त इन्डीकेटर्स की विस्तृत विवेचना की तथा समस्त एसटीएस/एसटीएलएस को अभियान सम्बन्धि निर्देष दिये।
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक को सम्बोधित करते हुये डाॅ. धोलपुरिया ने समस्त बीसीएमओं/एमओटीसी को निर्देषित किया की जिले में चल रहे 100 दिवषीय टीबी मुक्त भारत अभियान के अन्तर्गत चल रही समस्त गतिविधियों को सुचारू रूप से ब्लाॅक स्तर पर संचालित करें।
क्षय रोग के उन्मूलन हेतु सामुदायिक जुडाव, समुदाय द्वारा क्षय विरूद्ध प्रतिक्रिया एवं सामुदायिक सहयोग से क्षय रोगियो को बीमारी से मुक्ति दिलाने के दृष्टिगत दिनांक 30/04/2026 को सांय 4.30 बजे जिला कलेक्ट्रेट सभागार, सीकर में श्रीमान् जिला कलेक्टर आशीष मोदी की अध्यक्षता में टीबी फोरम एवं जिला काॅमोरबिडीटी कमेटी की बैठक आयोजित की गई।
सर्वप्रथम जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. रतन लाल जाट ने विभाग द्वारा रोगियों को उपलब्ध करवाई जा रही सभी प्रकार की सेवाओं से अवगत कराया एवं कार्यक्रम के क्रियाकलापों पर प्रकाश डाला।
श्रीमान् जिला कलेक्टर ने बताया कि समुदाय के हर वर्ग के अग्रणी लोगों की सहायता लेकर टीबी जैसी संक्रामक बिमारी के उन्मूलन के लिए जन जागरुकता लाकर लक्षण दिखाई देने पर जाँच करवाने हेतु प्रेरित कर जड़ से खत्म करने की आवश्यकता है। श्रीमान् जिला कलेक्टर ने कहा कि आमजन को जागरूक होकर इस रोग को खत्म करने हेतु सहयोग की अपील की।
श्रीमान् मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अषोक कुमार महरिया ने बताया समय पर दवा के साथ साथ पोषण युक्त आहार एवं रोगी को मास्क काम में लेने हेतु कहा, जिससे परिवार के अन्य सदस्यों को सक्रमित होने से बचाया जा सके। उन्होंने बताया कि वर्तमान में दी जा रही दवा पद्धति को उत्कृष्ठ बताया तथा इससे टीबी पूर्णतया ठीक हो जाती है।
डॉ. जाट ने कमेटी के सदस्यों से कार्यक्रम को सुचारू निर्वहन हेतु सुझाव मांगें। डाॅ. शिखा गुप्ता, डब्ल्यू.एच.ओं. कन्सलटेंट, एनटीईपी, जयपुर ने बताया कि सेवा प्रदाता गैर सरकारी संगठन, समाज के गणमान्य लोग, टीबी रोगी के साथ सहानुभूति रखे साथ ही उपचार पूर्ण करवाने में सहयोग करे। समाज में आज भी क्षय रोग को लेकर रोगी के साथ भेदभाव रवैया अपनाया जाता है, जिससे रोगी अवसाद की स्थिति में चला जाता है। रोगी को विश्वास दिलाये की लगातार दवा खाने पर टीबी के बैक्टीरिया पूर्णतयाः मुक्त हो सकते है।
शहर के वरिष्ठ डॉ. अर्जुन सिंह शेखावत ने सामान्य टीबी-ड्रग सेन्सीटिव टीबी में छः माह की अवधी का पूरा ईलाज लेने पर जोर दिया। ईलाज बीच में न छोड़ने के लिए ज्यादा से ज्यादा समुदाय में प्रचार प्रसार करने की जरूरत बताई। डाॅ. शेखावत ने ज्यादा से ज्यादा जाँच कर टीबी रोग को खोज कर ईलाज करने पर जोर दिया।

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