श्री कल्याण राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, सीकर में “Healthy Workplace, Healthy Mind” विषय पर CME आयोजित
श्री कल्याण राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, सीकर में “Healthy Workplace, Healthy Mind” विषय पर CME आयोजित
श्री कल्याण राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, सीकर में “Healthy Workplace, Healthy Mind” विषय पर CME आयोजित
सीकर
श्री कल्याण राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, सीकर में मानसिक स्वास्थ्य माह (10 सितंबर से 10 अक्टूबर) के अंतर्गत आज प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार की अध्यक्षता में “Healthy Workplace, Healthy Mind” विषय पर सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य चिकित्सा क्षेत्र में कार्यरत चिकित्सकों, रेजिडेंट्स एवं अन्य कार्मिकों को तनाव प्रबंधन के प्रति जागरूक करना तथा मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील और सहयोगात्मक कार्यस्थल का निर्माण करना था।
कार्यक्रम में डॉ. अजिताभ सोनी एवं डॉ. रामचंद्रे लांबा ने तनाव प्रबंधन तथा मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे व्यक्तियों की पहचान कर उनकी सहायता करने के लिए गेटकीपर की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने तनाव के शुरुआती संकेतों को पहचानने, प्रभावित व्यक्ति की बात धैर्यपूर्वक सुनने, बिना किसी पूर्वाग्रह के सहयोग देने तथा आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ सहायता उपलब्ध करवाने के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. शिबा सेठी गौतम, सहायक आचार्य, सामुदायिक चिकित्सा विभाग द्वारा किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ अपने पूर्व अनुभव साझा करते हुए बताया कि चिकित्सा विद्यार्थियों को पढ़ाई, परीक्षाओं, प्रतिस्पर्धा एवं भविष्य की चुनौतियों के कारण मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में समय रहते उनकी समस्याओं को समझना, उनसे संवाद करना तथा उन्हें भावनात्मक सहयोग प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार ने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर बल देते हुए महाविद्यालय में स्वस्थ, सकारात्मक एवं सहयोगात्मक वातावरण बनाए रखने की आवश्यकता बताई।
इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी डॉ. जी.एस. बाजिया, सामुदायिक चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. उत्तम कुमार, डॉ. इंदिरा वर्मा, डॉ. सरयू सैन, डॉ. अपान्हुति, डॉ. विकास चौधरी सहित महाविद्यालय के अन्य संकाय सदस्य एवं रेजिडेंट चिकित्सक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने सभी प्रतिभागियों को यह संदेश दिया कि मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा केवल व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामूहिक दायित्व भी है। तनाव से जूझ रहे व्यक्ति को समय पर समझना, उसकी बात सुनना और उचित सहायता से जोड़ना किसी का जीवन बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
संदेश: स्वस्थ कार्यस्थल, स्वस्थ मन — संवेदनशीलता, संवाद और सहयोग से ही संभव है।
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