वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान, जिला स्तरीय कार्यक्रम का यूडीएच मंत्री खर्रा ने किया शुभारंभ, स्मृति वन में हुआ पौधारोपण एवं सरोवर पूजन

वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान, जिला स्तरीय कार्यक्रम का यूडीएच मंत्री खर्रा ने किया शुभारंभ, स्मृति वन में हुआ पौधारोपण एवं सरोवर पूजन

सीकर

राज्य सरकार के “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” के तहत सोमवार को सीकर के स्मृति वन में पौधारोपण एवं सरोवर पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में यूडीएच राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा, जिला प्रभारी सचिव सुबीर कुमार, जिला कलेक्टर आशीष मोदी तथा पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नुनावत ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान राज्यमंत्री खर्रा ने पीपल, जिला प्रभारी सचिव ने अशोक तथा जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने गूलर का पौधा लगाया।
कार्यक्रम में अतिथियों ने स्मृति वन स्थित सरोवर पर पारंपरिक रीति-रिवाजों से पूजन कर श्रमदान भी किया। वहीं, राजीविका की महिलाओं ने मंगल गीतों के साथ कलश यात्रा निकालकर जल संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
जिला स्तरीय कार्यक्रम में राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि लगातार बढ़ता तापमान और जल संकट मानव जीवन के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि 53 डिग्री से अधिक तापमान होने पर गंभीर परिस्थितियां उत्पन्न होने लगती हैं, इसलिए अब सभी को जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग होकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि जितने अधिक पेड़ लगाए जाएंगे और उनका संरक्षण किया जाएगा, उतना ही पर्यावरण संतुलित एवं हरा-भरा रहेगा। आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य देने के लिए जल एवं पर्यावरण संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।
यूडीएच मंत्री खर्रा ने कहा कि पृथ्वी पर 71 प्रतिशत जल उपलब्ध है, लेकिन उसमें से 97 प्रतिशत से अधिक जल खारा है। ऐसे में उपलब्ध मीठे जल का संरक्षण करना समय की आवश्यकता है। यदि जल संरक्षण के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में भयावह स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वज जल, वृक्ष एवं प्रकृति के अन्य तत्वों को देवतुल्य मानकर उनका पूजन करते थे तथा पर्यावरण संरक्षण की भावना को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाते थे। वर्तमान समय में भी प्रत्येक नागरिक को जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। इस दौरान उपस्थितजनों को यूडीएच मंत्री खर्रा ने जल संरक्षण की शपथ दिलवाई।
जिला प्रभारी सचिव एवं प्रमुख शासन सचिव आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा पद्धति विभाग सुबीर कुमार ने कहा कि जिले में इस वर्ष 31 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिनमें एक लाख मोरिंगा (सहजन) के पौधे शामिल हैं। उन्होंने जलस्तर बढ़ाने के लिए 50 गुणा 50 आकार के सोक पिट निर्माण को उपयोगी बताते हुए जनसहभागिता आधारित संरक्षण गतिविधियों पर बल दिया।
कार्यक्रम में पूर्व सांसद सीकर स्वामी सुमेधानंद सरस्वती, पूर्व विधायक सीकर रतन जलधारी, भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज बाटड़, अतिरिक्त जिला कलेक्टर रतन कुमार स्वामी, शहर भावना शर्मा, जिला परिषद के सीईओ राजपाल यादव, यूआईटी सचिव जेपी गौड़, नगर परिषद के वरिष्ठ आयुक्त शशिकांत शर्मा, डीएफओ दीपक कुमार, अधीक्षण अभियंता वाटरशेड रमेश कुमार मीणा, सीकर एसडीएम निखिल कुमार, डीपीएम राजीविका अर्चना मौर्य, जिला शिक्षा अधिकारी मुकेश जेमन, सहायक निदेशक पूरणमल, एसीएफ सौरभ सिंह, बाबु सिंह बाजौर, तेजप्रकाश सैनी, गजानंद कुमावत,नेमीचंद कुमावत, हरिराम रणवां सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, पर्यावरण प्रेमी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहें।

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