ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिलाओं की सुरक्षा एवं सम्मान के लिए कल्याणकारी योजनाएं चलाई
ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिलाओं की सुरक्षा एवं सम्मान के लिए कल्याणकारी योजनाएं चलाई
राजीविका से जुड़कर ग्रामीण महिलाओं को मिला आर्थिक संबल
लखपति दीदी योजना में ऋण सीमा बढ़ाकर ब्याज किया कम
– मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
– प्रधानमंत्री ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम से महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने की पहल की
– मुख्यमंत्री की अपील- राजीविका से जुड़े महिलाएं, योजनाओं का उठाएं लाभ
– मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर ग्राम रथ और कला जत्थों का किया अवलोकन
– ग्रामीणों ने यमुना जल समझौते के लिए मुख्यमंत्री का जताया आभार
जयपुर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को सीकर जिले में खण्डेला के ग्राम जाजोद में ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चलाई, इनमें घर-घर शौचालय का निर्माण, उज्ज्वला योजना से गैस सिलेंडर, हर घर नल से जल और जन-धन खाते खुलवाना प्रमुख है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण से देश व प्रदेश मजबूत बनेगा। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिए लोकसभा एवं विधानसभा में महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने की महत्वपूर्ण पहल की। राज्य सरकार ने बालिकाओं की शिक्षा एवं महिलाओं के लिए चिकित्सा संबंधी योजनाएं चलाई हैं। लाडो प्रोत्साहन योजना, मा वाउचर योजना, मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजनाओं से महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के पोषण के लिए आंगनबाड़ी में दूध उपलब्ध करवाया जा रहा है। वहीं, वृद्धावस्था पेंशन में वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि राजीविका से जुड़ी महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक संबल मिल रहा है। महिलाओं के बैंक सखी, कृषि सखी और पशु सखी बनने से सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं। हमारी सरकार ने लखपति दीदी योजना में ऋण सीमा को बढ़ाकर 1.5 लाख तथा ब्याज को 1.5 प्रतिशत कर दिया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। वे नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने महिलाओं से राजीविका से जुड़कर सार्थक कार्य करने एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। ग्रामीणों ने यमुना जल समझौते के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर ग्राम रथ और कला जत्थों का अवलोकन किया। इससे पहले उन्होंने सरस्वती मंदिर में पूजन किया।
इस अवसर पर वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा, विधायक सुभाष मील, गोरधन वर्मा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजीविका से जुड़ी महिलाओं से संवाद किया। इस दौरान महिलाओं ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर जीवन में आए सामाजिक और आर्थिक परिवर्तनों से जुड़े अनुभव साझा किए।
मैं बैंक सखी बनी। 50 से अधिक महिलाओं का बीमा और 60 से अधिक महिलाओं को लोन दिलवाया। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत बनी। मेरी पहचान अब बैंक वाली दीदी के रूप में है। मेरी 1.5 लाख रुपये की वार्षिक आय भी है। आज राजीविका की बदौलत हमारे सपने पूरे हो रहे हैं।
– बैंक सखी पूनम शर्मा
हमारे गांव में वर्तमान में 17 स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। पहले घर की आवश्यकताओं के लिए अधिक ब्याज पर ऋण लेना पड़ता था, लेकिन एसएचजी से जुड़कर मेरी वार्षिक आय एक लाख से अधिक हो गई है, जिससे अब मैं घर से जुड़ी आर्थिक जरूरतों को पूरा कर पा रही हूं। मैं महिलाओं को योजनाओं की जानकारी देती हूं और समूहों से जोड़ती हूं।
– डाटा सखी गुमान कंवर
मेरी ग्राम पंचायत में 23 समूह हैं। जिनमें मैं समूह सखी का कार्य करती हूं। मैं लखपति दीदी हूं और पंचायत समिति खण्डेला में कैंटीन के माध्यम से अपनी आजीविका चला रही हूं। फिलहाल मेरी सालाना आय एक लाख रुपये है।
– कैंटीन संचालिका अनिता देवी
मैं स्वयं सहायता समूह से जुड़ी और मुझे 2 लाख रुपये का लोन मिला। जिससे मैंने दुकान प्रारंभ की और इसके जरिए मेरी आर्थिक आय में वृद्धि हुई। अब मैं लखपति मास्टर ट्रेनर भी हूं। गांव-गांव जाकर महिलाओं को राजीविका से जोड़ती हूं। वर्तमान में मेरी वार्षिक आय 1 लाख रुपये से अधिक है।
– लखपति मास्टर ट्रेनर रेणु देवी

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