प्रत्येक नगर निकाय में न्यूनतम 10-10 आवासों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित कर प्रगति सुनिश्चित करे, जिला कलेक्टर, नगर निकायों की योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित
प्रत्येक नगर निकाय में न्यूनतम 10-10 आवासों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित कर प्रगति सुनिश्चित करे, जिला कलेक्टर, नगर निकायों की योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित
सीकर
जिला कलेक्टर आशीष मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में नगर निकायों की योजनाओं एवं विभिन्न फ्लैगशिप कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की नगर परिषद एवं नगरपालिकाओं में संचालित योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। जिला कलेक्टर ने सभी नगर निकायों को प्रतिबंधित पॉलिथीन एवं एकल उपयोग प्लास्टिक के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर जब्ती कार्यवाही करने तथा नियमों की अवहेलना करने वालों पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं सुंदर शहरों के निर्माण के लिए प्लास्टिक मुक्त वातावरण आवश्यक है, इसलिए इस दिशा में प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। साथ ही शहरों में लगे अवैध होर्डिंग्स, बैनर एवं पोस्टरों को हटाने के निर्देश देते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थलों की सौंदर्यता बनाए रखना सभी निकायों की जिम्मेदारी है।
जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), पीएम स्वनिधि योजना, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी), पीएम 2.0 योजना तथा अन्य राज्य एवं केंद्र सरकार की योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को शीघ्र लाभान्वित करने, लंबित प्रकरणों का निस्तारण करने तथा प्रत्येक नगर निकाय में न्यूनतम 10-10 आवासों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित कर समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्र के जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाए।
बैठक में पीएम 2.0 योजना के अंतर्गत घुमंतु एवं वंचित वर्ग के पात्र व्यक्तियों से आवेदन आमंत्रित कर अधिकाधिक लोगों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए। जिला कलेक्टर ने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए निकाय स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएं तथा पात्र व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ा जाए।
स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) की समीक्षा करते हुए जिला कलेक्टर ने सामुदायिक शौचालयों के निर्माण एवं रखरखाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरों में स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए पुराने डंप कचरे के निस्तारण हेतु ठोस कार्ययोजना बनाकर कार्यवाही की जाए। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, कचरा पृथक्करण तथा वैज्ञानिक निस्तारण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए।
पीएम स्वनिधि योजना की समीक्षा करते हुए जिला कलेक्टर ने सभी नगर निकायों को स्ट्रीट वेंडर्स एवं रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को ऋण स्वीकृत कर अधिकाधिक लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह योजना छोटे व्यापारियों के लिए आर्थिक संबल प्रदान करने वाली महत्वपूर्ण योजना है, इसलिए पात्र लाभार्थियों तक इसका लाभ पहुंचाना प्राथमिकता रहे।
जिला कलेक्टर ने नगर परिषद सीकर एवं खाटूश्यामजी क्षेत्र में कपड़े के थैलों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कपड़े के थैलों की बिक्री हेतु हाट-बाजार स्थलों का विकास करने तथा आमजन को प्लास्टिक के स्थान पर वैकल्पिक साधनों के उपयोग के लिए प्रेरित करने को कहा। आगामी 10 दिनों तक प्लास्टिक जब्ती विशेष अभियान चलाने तथा जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।
जिला कलेक्टर ने लाइब्रेरी, योगा एवं मेडिटेशन सेंटरों की सदस्यता बढ़ाने, नागरिकों को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करने तथा इन केंद्रों का अधिकाधिक उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगर निकाय केवल आधारभूत सुविधाओं तक सीमित न रहकर नागरिकों के सामाजिक एवं स्वास्थ्य विकास में भी योगदान दें।
बैठक में नगर परिषद आयुक्त शशिकांत शर्मा, मुख्य आयोजना अधिकारी, सीकर अंजली सैनी
,एईन नगर परिषद प्रवीण कुमार, समस्त ईओ संबंधित विभागों के अधिकारी, नगर परिषद एवं नगरपालिकाओं के प्रतिनिधि तथा विभिन्न योजनाओं से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे
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